
योगेंद्र मलिक
देहरादून, 23 जून 2026:
मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने ऋषिकेश क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ मंगलवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन निर्माणाधीन व्यावसायिक भवनों को सील कर दिया। एमडीडीए की इस कार्रवाई से अवैध निर्माण कराने वालों में हड़कंप मच गया है। प्राधिकरण ने साफ किया है कि बिना स्वीकृत मानचित्र और विकास अनुमति के किए जा रहे किसी भी निर्माण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देश पर प्रवर्तन टीम ने ऋषिकेश क्षेत्र में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया। जांच के दौरान कई निर्माण कार्य नियमों के विपरीत संचालित होते मिले जिन पर तत्काल कार्रवाई की गई। कार्रवाई की शुरुआत लक्कड़घाट रोड स्थित श्रीराम रेजीडेंसी के निकट निर्मल बाग क्षेत्र से हुई, जहां अंकित रावत द्वारा कराया जा रहा व्यावसायिक निर्माण बिना प्राधिकरण की अनुमति के पाया गया। टीम ने मौके पर ही भवन को सील कर दिया।
इसके बाद निर्मल बाग ब्लॉक-बी विस्थापित क्षेत्र की गली नंबर-10 में शशि कुमार गौड़ द्वारा किए जा रहे निर्माण का निरीक्षण किया गया। जांच में यह निर्माण भी अनधिकृत मिला, जिसके बाद एमडीडीए ने उसे तत्काल प्रभाव से सील कर दिया।
प्रवर्तन टीम ने नागराजा मंदिर, गुमानीवाला क्षेत्र में साहाब सिंह रमोला द्वारा कराए जा रहे व्यावसायिक निर्माण का भी निरीक्षण किया। यह निर्माण भी बिना स्वीकृत मानचित्र और विकास अनुमति के किया जा रहा था। नियमानुसार इस भवन को भी सील कर निर्माण कार्य पर रोक लगा दी गई।
एमडीडीए ने बताया कि उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973) के तहत बिना स्वीकृत मानचित्र और विकास अनुमति के निर्माण कराना कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में सीलिंग, ध्वस्तीकरण और अन्य कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। प्राधिकरण ने दोहराया कि सुनियोजित एवं व्यवस्थित शहरी विकास के लिए नियमों का पालन अनिवार्य है और भविष्य में भी अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान पूरी सख्ती से जारी रहेगा।






