
लखनऊ, 24 जून 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के अलीगंज में पुरनिया चौराहे के पास स्थित तीन मंजिला कमर्शियल बिल्डिंग में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद सरकारी तंत्र हरकत में आ गया है। इस हादसे ने अवैध निर्माण और निगरानी व्यवस्था की पोल खोल दी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सख्त रुख के बाद अब जिम्मेदारों पर कार्रवाई की बात कही जा रही है।

क्षेत्रीय एई और जेई के निलंबन के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने भी अग्निकांड वाली अवैध इमारत को ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर प्रवर्तन टीम ने कार्रवाई करते हुए प्रवर्तन जोन-4 की ओर से अलीगंज के सेक्टर-डी स्थित भूखंड संख्या एमएस-102 के स्वामी वीरेन्द्र शुक्ला, सुरेन्द्र शुक्ला एवं अन्य के खिलाफ नोटिस जारी किया है।
नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित भवन का मानचित्र केवल आवासीय उपयोग के लिए स्वीकृत था जबकि मौके पर उसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा था। जांच में यह भी सामने आया कि भवन का निर्माण स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किया गया और कई निर्माण संबंधी विचलन पाए गए।
एलडीए ने इस मामले में उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम-1973 की धारा 27(1) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। भवन स्वामियों को 15 दिन के भीतर सक्षम प्राधिकारी के समक्ष उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने और आवश्यक साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्राधिकरण ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समय सीमा में संतोषजनक जवाब नहीं मिला तो भवन के ध्वस्तीकरण सहित नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई को अवैध निर्माणों के खिलाफ सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।






