लखनऊ, 11 मई 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में पुलिस विभाग के भीतर कथित भ्रष्टाचार और उत्पीड़न को लेकर एक सिपाही का लगातार तीसरा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की पुलिस लाइन में तैनात सिपाही सुनील शुक्ला ने विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। दबाव बनाकर चुप कराने की कोशिश हो रही है।
नए वीडियो में सिपाही सुनील शुक्ला बेहद आक्रोशित नजर आए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जी, मैं पूछना चाहता हूं कि क्या मैं आतंकवादी हूं या नक्सलवादी हूं? क्या मैं किसी हत्या या अपराध का आरोपी हूं? फिर रात एक बजे मेरे घर पुलिस क्यों भेजी गई?
वीडियो में उन्होंने आरोप लगाया कि देर रात 6-7 पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे थे। सुनील ने कहा कि उन्हें डराकर या दबाव बनाकर चुप नहीं कराया जा सकता। उन्होंने भावुक और आक्रामक अंदाज में कहा… मेरी मां ने गीदड़ नहीं, शेर पैदा किया है। मुझे इस तरह तोड़ा नहीं जा सकेगा। अगर मुझे शांत करना है तो मेरी हत्या करानी पड़ेगी।

सिपाही ने खुद को शहीद भगत सिंह की विचारधारा से प्रेरित बताते हुए कहा कि उन्हें शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जा सकता है लेकिन मानसिक रूप से नहीं तोड़ा जा सकता। उन्होंने दावा किया कि उनकी आवाज दबाई नहीं जा सकेगी और उनके साथ लगातार ज्यादती हो रही है।
वहीं, इस मामले के तूल पकड़ने के बाद लखनऊ पुलिस ने सोशल मीडिया पर सफाई जारी की है। पुलिस कमिश्नरेट की ओर से कहा गया कि सिपाही द्वारा लगाए गए दबिश और परिजनों से दुर्व्यवहार के आरोप पूरी तरह असत्य और निराधार हैं। पुलिस के मुताबिक सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के संबंध में चल रही जांच के तहत सुनील शुक्ला को बयान दर्ज कराने के लिए ईमेल और व्हाट्सएप के जरिए नोटिस भेजा गया था। इसी प्रक्रिया के तहत पुलिस टीम नियमानुसार उनके आवास पर नोटिस सर्व करने गई थी।
बताया जा रहा है कि अमेठी के गौरीगंज क्षेत्र के पूरे राम सेवक मिश्र गांव निवासी 2015 बैच के सिपाही सुनील कुमार कई वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट कर चुके हैं। इनमें उन्होंने लखनऊ समेत कई जनपदों की पुलिस लाइन में कथित वसूली और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। 6 मई से छुट्टी पर चल रहे सुनील की पत्नी रायबरेली में सिपाही के रूप में कार्यरत है।






