Lucknow City

बेसमेंट में नहीं चलेगी कोचिंग, योगी सरकार का सख्त फरमान, UP में फायर सेफ्टी की बड़ी पड़ताल

लखनऊ में 15 मौतों के बाद मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश, अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, कोचिंग, मॉल और व्यावसायिक भवनों का होगा व्यापक फायर ऑडिट, पहले जागरूकता फिर नियमानुसार कार्रवाई

लखनऊ, 24 जून 2026:

यूपी की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र की कमर्शियल बिल्डिंग में हुए भीषण अग्निकांड में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद योगी सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशभर में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट अभियान चलाने के निर्देश देते हुए स्पष्ट किया कि अग्नि सुरक्षा मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अभियान पूरी तरह जनहित में संचालित होगा। पहले व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए और उसके बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाए। अभियान के नाम पर किसी भी नागरिक का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए।

शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सभी जनपदों में विशेष टीमें गठित कर अस्पतालों, नर्सिंग होम, मेडिकल कॉलेजों, कोचिंग संस्थानों, शॉपिंग मॉल, सरकारी भवनों तथा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का फायर सेफ्टी ऑडिट कराया जाए। सभी कोचिंग संस्थानों का विधिवत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा व्यावसायिक भवनों में अग्निशमन विभाग से प्राप्त अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए।

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि भवन अथवा भूमि का उपयोग उसी उद्देश्य के अनुरूप होना चाहिए, जिसके लिए उसे स्वीकृति दी गई है। आवासीय भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन नहीं होना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिए कि किसी भी परिस्थिति में बेसमेंट में कोचिंग या अन्य व्यावसायिक गतिविधियां संचालित न हों। यदि बेसमेंट पार्किंग के लिए स्वीकृत है तो उसका उपयोग केवल पार्किंग के लिए ही किया जाए। इसके साथ ही व्यावसायिक भवनों के विद्युत भार (लोड) का आकलन कर मानकों के विपरीत पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री ने लखनऊ अग्निकांड के दौरान अग्निशमन विभाग, एसडीआरएफ और एम्बुलेंस सेवाओं द्वारा किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि आपातकालीन सेवाओं का रिस्पॉन्स टाइम जितना कम होगा, राहत एवं बचाव कार्य उतने ही प्रभावी होंगे। सभी संबंधित एजेंसियों को संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए रिस्पॉन्स टाइम और कम करने के निर्देश दिए गए। अपर मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही 14 एम्बुलेंस तत्काल मौके पर भेजी गई थीं।

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी सरकारी एवं निजी अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और स्वास्थ्य संस्थानों का फायर सेफ्टी ऑडिट प्राथमिकता पर कराने के निर्देश दिए। साथ ही अग्निशमन विभाग को आधुनिक उपकरणों और तकनीकी संसाधनों से और सशक्त बनाने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश की 350 तहसीलों में से 296 तहसीलों में 326 स्थायी अग्निशमन केंद्र संचालित हैं। 26 नए केंद्र लोकार्पण के लिए तैयार हैं, 25 का निर्माण जारी है, जबकि 47 नए केंद्रों की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने शेष तहसीलों में भी जल्द अग्निशमन सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि जनसुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी विभाग समन्वित प्रयासों से प्रदेश में सुरक्षित एवं जवाबदेह व्यवस्था सुनिश्चित करें।

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