
लखनऊ, 29 जून 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित बहुमंजिला इमारत में हुए भीषण अग्निकांड में 15 छात्रों की दर्दनाक मौत के बाद प्रदेश सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन की बैठक में प्रदेशभर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सख्त निर्देश जारी किए। उन्होंने कहा कि जनसुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सभी शासकीय एवं निजी मेडिकल कॉलेजों, चिकित्सा संस्थानों, जिला अस्पतालों तथा होटलों में फायर एनओसी की तत्काल जांच कराई जाए। ऐसे संस्थानों को तत्काल नोटिस जारी किया जाए जिनकी फायर एनओसी समाप्त हो चुकी है या जिनके पास वैध एनओसी नहीं है। सीएम ने सभी डीएम को निर्देश दिए कि वे संबंधित विभागों के साथ बैठक कर अपने-अपने जिलों में फायर सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में प्रदेश की विभिन्न विकास परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी हों और किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
एक्सप्रेसवे परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान बताया गया कि फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे के लिए आवश्यक 1339.04 हेक्टेयर भूमि में से 1135.57 हेक्टेयर (84.80 प्रतिशत) भूमि उपलब्ध कराई जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने इस प्रगति पर संतोष जताते हुए निर्माण कार्यों की निविदा प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए।
वहीं आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे के लिए 49.05 प्रतिशत भूमि, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे तथा जेवर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए भी भूमि अधिग्रहण की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने सभी संबंधित डीएम को भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए। मेरठ-हरिद्वार, विंध्य, विंध्य-पूर्वांचल और नोएडा-जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की भी समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए एक्सप्रेसवे प्रदेश के औद्योगिक विकास की नई धुरी बनेंगे। इनके किनारे औद्योगिक क्षेत्रों के विकास के लिए पर्याप्त भूमि समय रहते उपलब्ध कराई जाए। ग्रेटर नोएडा में विकसित हो रहे मल्टी मॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के शेष कार्यों को भी समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के प्रस्तावित मॉडल बिल्डिंग बायलॉज पर प्राप्त आपत्तियों का 15 दिनों में निस्तारण कर संशोधित प्रस्ताव कैबिनेट के समक्ष रखने के निर्देश दिए गए। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को भी कहा गया।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती संख्या को देखते हुए ईवी चार्जिंग स्टेशनों के तेजी से विस्तार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि निजी निवेश को प्रोत्साहित करते हुए अनुमतियों की प्रक्रिया सरल बनाई जाए। प्रधानमंत्री ई-ड्राइव योजना के तहत चयनित स्थलों पर चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जा रहे हैं।
डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करने के लिए डेटा सेंटर क्लस्टर परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश भी दिए गए। वहीं लखनऊ नगर निगम क्षेत्र में सीवर लाइन और मेनहोल के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइनों को हटाने का कार्य प्राथमिकता से पूरा करने को कहा गया।
ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने मेरठ, आगरा और सहारनपुर मंडलों में फीडरवार लाइन लॉस की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने बिजली चोरी के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई करने और ईमानदार उपभोक्ताओं को निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया।






