Uttarakhand

बैशी महोत्सव में झलकी लोक संस्कृति की विरासत, खेल मंत्री बोलीं- पर्व उत्तराखंड की पहचान

रेखा आर्या ने गुरु गोरखनाथ मंदिर में देव आराधना कर प्रदेश की खुशहाली की कामना की, बैशी (जागर) परंपरा को सांस्कृतिक धरोहर बताया, बड़ी संख्या में ग्रामीणों की रही मौजूदगी

राजकिशोर तिवारी

अल्मोड़ा, 30 जून 2026:

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या मंगलवार को अल्मोड़ा जिले के ज्यूला (रजवार तोक) स्थित प्रसिद्ध गुरु गोरखनाथ मंदिर में आयोजित बैशी (जागर) महोत्सव में शामिल हुईं। मंदिर पहुंचने पर ग्रामीणों और मंदिर समिति ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ उनका स्वागत किया। इसके बाद मंत्री ने पूजा-आराधना कर क्षेत्र और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की।

कार्यक्रम में रेखा आर्या ने कहा कि उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत उसकी लोक संस्कृति, परंपराएं और धार्मिक आस्था हैं। जागर जैसी लोक परंपराएं प्रदेश की अनमोल सांस्कृतिक विरासत हैं, जिनके जरिए देवताओं का आह्वान कर विशेष पूजा की जाती है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी अपनी जड़ों और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ती है।
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मंत्री ने कहा कि बैशी (जागर) महोत्सव के भक्तिमय माहौल में शामिल होकर उन्हें आत्मिक संतोष और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव हुआ। उन्होंने लोगों से अपनी लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के साथ आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की अपील की।

महोत्सव में मंडल अध्यक्ष गणेश जलाल, मंडल महामंत्री देवेंद्र मेहरा, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, सोमेश्वर मंडल अध्यक्ष सुंदर राणा, जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र नयाल, अशोक जलाल, ग्राम प्रधान सूरज, प्रदीप, ग्राम प्रधान ज्यूला प्रकाश टम्टा, मंदिर समिति अध्यक्ष बलवंत सिंह रजवार, उपाध्यक्ष हरीश रजवार, कोषाध्यक्ष पान सिंह रजवार, रतन सिंह रजवार, सुंदर सिंह, राजेंद्र सिंह पिलख्वाल, हरि सिंह रजवार समेत मंदिर समिति के सदस्य और ग्रामीण मौजूद रहे।

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