Uttarakhand

मार्केट से सीधे जुड़ेंगे ग्रोथ सेंटर्स, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग के लिए बनाया नया रोडमैप

मुख्य सचिव ने ग्रोथ सेंटर्स प्रगति की समीक्षा की, उत्पादों को ट्रेसेबिलिटी, जीआई टैग और ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन से जोड़ने पर दिया जोर, नाबार्ड सेंटर्स की कमियों को चिह्नित कर वित्तीय सहायता उपलब्ध कराए

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 20 जुलाई 2026ः

उत्तराखंड में स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से संचालित किए जा रहे ग्रोथ सेंटर्स को अब बाजार, निजी क्षेत्र और आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने की कवायद तेज होगी। सोमवार को सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने ग्रोथ सेंटर्स की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को इन्हें अधिक प्रभावी और रोजगारपरक बनाने के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने विभिन्न विभागों के अंतर्गत संचालित ग्रोथ सेंटर्स की गतिविधियों और प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ग्रोथ सेंटर्स स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के महत्वपूर्ण केंद्र बन सकते हैं। इसके लिए जरूरी है कि इन्हें मजबूत मार्केट लिंकेज के साथ निजी भागीदारों से भी जोड़ा जाए।

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उन्होंने सभी ग्रोथ सेंटर्स की नियमित समीक्षा करने के निर्देश देते हुए कहा कि बेहतर प्रदर्शन कर रहे केंद्रों को तकनीकी और अन्य आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए, जबकि लंबे समय से निष्क्रिय पड़े ग्रोथ सेंटर्स को दोबारा सक्रिय करने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं।

उन्होंने उत्पादों को ट्रेसेबिलिटी, जीआई टैग और ऑर्गेनिक सर्टिफिकेशन से जोड़ने पर भी जोर दिया, ताकि उत्तराखंड के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिल सके। उन्होंने ग्रोथ सेंटर्स के उत्पादों के संरक्षण व बेहतर मूल्य उपलब्ध कराने के लिए कोल्ड स्टोरेज चेन विकसित करने की आवश्यकता बताई। मुख्य सचिव ने कहा कि छोटे स्तर पर माइक्रो स्टोरेज चेन विकसित कर उत्पादों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सकता है और बाजार की मांग के अनुसार बिक्री की जा सकती है।

मुख्य सचिव ने शीप एंड वूल डेवलपमेंट बोर्ड को पशु पालकों की समस्याओं के समाधान के लिए नियमित संवाद और कार्यशालाएं आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि अन्य राज्यों में इस क्षेत्र में बेहतर कार्य हो रहा है तो वहां टीम भेजकर सफल मॉडल का अध्ययन किया जाए। हाउस ऑफ हिमालयाज के साथ सभी संबंधित विभागों की समन्वय बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने संभावनाओं वाले निष्क्रिय ग्रोथ सेंटर्स की हैंड होल्डिंग करने और उन्हें दोबारा गति देने पर जोर दिया। उन्होंने नाबार्ड को ग्रोथ सेंटर्स की कमियों को चिह्नित कर आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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