
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 8 जुलाई 2026ः
अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण की तरह ही उत्तराखंड में भी बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी प्रकरण ने तूल पकड़ लिया है। कई दिनों से यह मामला गरमाया हुआ है। अब इस मामले में श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। इससे एक दिन पहले बीकेटीसी समिति ने प्रमोद नौटियाल को निलंबित कर दिया था। वहीं, उत्तराखंड शासन ने चढ़ावा प्रकरण की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है।
बीकेटीसी के मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की लिखित तहरीर के आधार पर बदरीनाथ थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने चोरी और धोखाधड़ी के तहत मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। तहरीर के अनुसार दो जुलाई को सोशल मीडिया पर बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे से संबंधित कथित वित्तीय अनियमितता की सूचना प्रसारित हुई थी। इसके बाद बीकेटीसी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया।

समिति ने प्रारंभिक जांच में पाया कि संबंधित कर्मचारी द्वारा मंदिर की धनराशि कथित रूप से अनधिकृत तरीके से उठाए जाने के प्रथम दृष्टया संकेत मिले हैं। जांच समिति की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर बीकेटीसी ने सात जुलाई को प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था। समिति का कहना था कि यदि संबंधित कर्मचारी को पद पर बनाए रखा जाता है तो निष्पक्ष जांच प्रभावित होने की आशंका बनी रहेगी। साथ ही, मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए पुलिस में भी शिकायत दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। अब एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करेगी। इस दौरान दस्तावेजों, सीसीटीवी फुटेज, संबंधित अभिलेखों और अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा सकती है।
उधर, बदरीनाथ धाम में चढ़ावा प्रकरण के संबंध में प्राप्त कथित अनियमितताओं की शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड शासन ने मामले की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। समिति के अध्यक्ष आयुक्त गढ़वाल मंडल होंगे। समिति में प्रबंध निदेशक, एनएचएम संदीप तिवारी और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक जगत सिंह चौहान सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।
सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल के आदेश के अनुसार समिति मंदिर में प्राप्त होने वाले दान-चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करेगी और 15 दिनों के भीतर जांच आख्या व संस्तुतियां शासन को प्रस्तुत करेगी। जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर समिति किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति का सहयोग एवं परामर्श प्राप्त कर सकेगी।






