Ayodhya

राम मंदिर चढ़ावा कांड में एक्शन : 40 घंटे की रिमांड पर तीन आरोपी, अब 113 करोड़ के खर्चों की भी SIT जांच

CCTV में जेब में नोट रखते दिखे आरोपी, प्राण-प्रतिष्ठा और ध्वजारोहण समारोह के बिल-वाउचर भी जांच के दायरे में, चंपत राय से मिले गोविंद देव गिरि

अनिल निषाद

अयोध्या, 8 जुलाई 2026:

रामनगरी अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच अब तेजी पकड़ने के साथ उसका दायरा भी व्यापक हो रहा है। पुलिस ने इस मामले के तीनों आरोपियों लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा और करुणेश पांडेय को 40 घंटे की रिमांड पर ले लिया है। बुधवार सुबह करीब साढ़े सात बजे पुलिस टीम फैजाबाद जिला कारागार पहुंची और तीनों आरोपियों को पुलिस लाइन ले जाकर पूछताछ शुरू की।

एसआईटी की रिपोर्ट के अनुसार मंदिर परिसर के CCTV फुटेज में तीनों आरोपी दानपात्र से निकाले गए नोट अपनी जेब में रखते हुए दिखाई दिए हैं। पुलिस रिमांड के दौरान उनसे चोरी की रकम, उसके इस्तेमाल, संभावित सहयोगियों और पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं पर गहन पूछताछ की जाएगी। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ से कई अहम खुलासे हो सकते हैं।

उधर, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि ने रामकोट स्थित तीर्थ क्षेत्र पुरम पहुंचकर पूर्व महासचिव चंपत राय से मुलाकात की। चंपत राय इन दिनों एकांतवास में हैं। उन्होंने मंगलवार को जारी अपने पत्र में उन पर लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और झूठा बताते हुए कहा था कि उनका किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता या चढ़ावा चोरी से कोई संबंध नहीं है।

इस बीच, एसआईटी ने जांच का दायरा और व्यापक कर दिया है। टीम अब ट्रस्ट की ओर से आयोजित बड़े धार्मिक आयोजनों के खर्चों की भी बारीकी से जांच कर रही है। 22 जनवरी 2024 को हुए प्राण-प्रतिष्ठा समारोह तथा 25 नवंबर 2025 के ध्वजारोहण कार्यक्रम से जुड़े बिल, वाउचर और अन्य वित्तीय अभिलेख खंगाले जा रहे हैं।

उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार प्राण-प्रतिष्ठा समारोह पर करीब 113 करोड़ रुपये खर्च हुए थे जिसमें लगभग 8 हजार अतिथि शामिल हुए थे।ध्वजारोहण कार्यक्रम पर 10.12 करोड़ रुपये खर्च होने का उल्लेख है। एसआईटी अब इन सभी दस्तावेजों का मिलान कर भुगतान प्रक्रिया और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच में जुटी है।

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