Uttarakhand

साइबर अपराध से मानव तस्करी तक, पुलिसिंग में टेक्नोलॉजी पर जोर, थानों से हटेंगी जब्त गाड़ियां

मुख्य सचिव ने डीजी व अन्य अफसरों के साथ की बैठक, साइबर पुलिसिंग के लिए मैनपावर बढ़ाने के निर्देश, बैंकिंग एक्सपर्ट्स को सिस्टम से जोड़ने की तैयारी, लापता बच्चों व महिलाओं के लिए डेडिकेटेड टीम, तस्करी के नेटवर्क की केस-वाइज जांच पर जोर

देहरादून, 1 सितंबर 2026:

उत्तराखंड के पुलिस विभाग में साइबर अपराध, मानव तस्करी, नारकोटिक्स मामलों की कार्रवाई से लेकर इन्वेस्टीगेशन तक टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल को बढ़ाने की तैयारी है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने सचिवालय में पुलिस विभाग के कामकाज की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को इन क्षेत्रों में सिस्टम मजबूत करने के निर्देश दिए।

मानव तस्करी पर कार्रवाई का दायरा बढ़ाएं

मुख्य सचिव ने कहा कि एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग की कार्रवाई सिर्फ मैदानी जिलों तक सीमित न रहे, पहाड़ी इलाकों में भी मजबूत सिस्टम बनाया जाए। महिला एवं बाल विकास विभाग के पोर्टल को पुस के पोर्टल से जल्द जोड़ने के निर्देश दिए गए। API integration के जरिए दोनों विभागों के डेटा में अंतर की स्थिति खत्म करने पर भी जोर दिया गया।

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लापता बच्चों के लिए अलग टीम

लापता बालिकाओं व नाबालिग बच्चों को तलाशने के लिए dedicated team बनाने को कहा गया। लंबे समय से untraced बच्चों व महिलाओं के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। अलग-अलग विभागों के बीच data sharing बेहतर करने पर भी जोर रहा।

Operation Smile का डेटा मांगा

मुख्य सचिव ने Operation Smile का latest data उपलब्ध कराने को कहा। मानव व बाल तस्करी के मामलों की case-wise जांच कर तस्करी के नेटवर्क की पहचान करने के निर्देश दिए गए। संगठित तस्करी से जुड़े मामलों पर अलग से फोकस करने को कहा गया।

रेस्क्यू के बाद rehabilitation भी जरूरी

तस्करी से मुक्त कराए गए लोगों के रेस्क्यू के बाद rehabilitation पर भी ध्यान देने को कहा गया। दूसरे राज्यों के साथ coordination बनाकर पीड़ितों को उनके अभिभावकों तक सुरक्षित पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। जिला स्तर पर rescue के लिए dedicated team बनाने पर भी जोर रहा।
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साइबर पुलिसिंग में मैनपावर बढ़ेगा

साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए साइबर पुलिसिंग की manpower मजबूत करने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने साइबर एक्सपर्ट्स के साथ banking sector के विशेषज्ञों को भी इस सिस्टम से जोड़ने की जरूरत बताई, ताकि साइबर फ्रॉड से जुड़े मामलों में कार्रवाई ज्यादा प्रभावी हो सके।

नारकोटिक्स पर विभागों में बेहतर तालमेल

Anti Narcotics Task Force यानी ANTF के तहत कार्रवाई को मजबूत करने के लिए अलग-अलग विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने को कहा गया। NCORD की बैठक में इस संबंध में detailed presentation देने के निर्देश भी दिए गए।

Investigation में टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल

मुख्य सचिव ने पुलिस investigation में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ाने पर जोर दिया। विवेचना अधिकारियों को जरूरी investigation kits उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। जिन थानों में सबसे ज्यादा FIR दर्ज होती हैं, वहां अलग investigation wing शुरू करने की संभावना पर भी काम करने को कहा गया।

e-FIR से लेकर e-Summons तक

e-FIR के rejection की वजहों का analysis कर cross-verification करने के निर्देश दिए गए। न्यायश्रुति, FSL, मालखाना व Dial 112 को जल्द live करने को कहा गया। e-Summons का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।

कमजोर नेटवर्क वाले इलाकों पर नजर

ICJS 2.0 sites पर network connectivity की स्थिति की समीक्षा की गई। जिन इलाकों में कनेक्टिविटी कमजोर है, वहां network व bandwidth बढ़ाने को कहा गया, ताकि digital policing से जुड़े सिस्टम बिना रुकावट चल सकें।

थानों में जब्त गाड़ियों से कम होगी जगह

मुख्य सचिव ने थानों में लंबे समय से खड़ी जब्त गाड़ियों की समस्या पर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में seized vehicles खड़ी होने से थानों में जगह कम पड़ रही है। इन गाड़ियों के disposal के लिए digital storage की व्यवस्था पर जाने के निर्देश दिए गए।

जिलों को campaign mode में निस्तारण

जब्त गाड़ियों के disposal का काम जिलों में campaign mode पर चलाने को कहा गया। इसकी monthly report भी तैयार कर भेजने के निर्देश दिए गए, ताकि थानों में उपलब्ध जगह का बेहतर इस्तेमाल हो सके। बैठक में पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, सचिव गृह शैलेश बगौली, एडीजी डॉ. वी मुरुगेशन, आईजी डॉ. निलेश आनंद भरणे, आईजी सुनील कुमार मीणा, एसएसपी तृप्ति भट्ट व अजय सिंह मौजूद रहे।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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