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डमरू बजेगा… चौके-छक्के बरसेंगे! काशी में तैयार हो रहा देश का सबसे अनोखा शिव थीम क्रिकेट स्टेडियम

पूर्वांचल को मिलेगी खेलों की नई पहचान, करीब 400 करोड़ की लागत से बन रहा इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम सितंबर तक हो जाएगा तैयार, 30 हजार दर्शकों की क्षमता और शिव थीम बनेगी सबसे बड़ी पहचान

लखनऊ, 5 जुलाई 2026:

यूपी में खेलों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि आकार ले रही है। वाराणसी में करीब 400 करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। 92 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। सितंबर तक इसके पूरी तरह तैयार होने की संभावना है। विश्वस्तरीय सुविधाओं से लैस यह स्टेडियम प्रदेश की खेल अवसंरचना को नई मजबूती देने के साथ पूर्वांचल को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का नया केंद्र भी बनाएगा।

इस स्टेडियम की सबसे बड़ी खासियत इसकी अनूठी शिव थीम है। यह इसे देश के अन्य क्रिकेट स्टेडियमों से अलग पहचान दिलाएगी। मीडिया सेंटर और नॉर्थ पवेलियन भगवान शिव के डमरू के आकार में बनाए जा रहे हैं जबकि फ्लडलाइट्स त्रिशूल की आकृति में स्थापित होंगी। प्रवेश द्वार बेलपत्र थीम पर आधारित होगा और छत को अर्धचंद्राकार स्वरूप दिया जा रहा है। काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक वास्तुकला से जोड़ने की यह अनोखी पहल स्टेडियम को वैश्विक स्तर पर भी विशिष्ट पहचान दिलाएगी।

करीब 30 हजार दर्शकों की क्षमता वाले इस अत्याधुनिक स्टेडियम में अंतरराष्ट्रीय मानकों का मुख्य क्रिकेट मैदान, पूर्ण आकार का प्रैक्टिस ग्राउंड, आधुनिक ड्रेसिंग रूम, हाईटेक पवेलियन, अत्याधुनिक मीडिया एवं ब्रॉडकास्ट सुविधाएं, 1500 वाहनों की पार्किंग, उच्च क्षमता वाली फ्लडलाइट व्यवस्था, आधुनिक सुरक्षा प्रणाली तथा उन्नत विद्युत एवं अग्नि सुरक्षा प्रबंधन जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

स्टेडियम का निर्माण उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) अपनी निधियों से करा रहा है। हालांकि इस महत्वाकांक्षी परियोजना को साकार करने में योगी सरकार की भूमिका भी बेहद अहम रही है। राज्य सरकार ने लगभग 90 वर्षों की अवधि के लिए भूमि लीज पर उपलब्ध कराई। सभी प्रशासनिक स्वीकृतियां समयबद्ध तरीके से प्रदान कीं और मुख्यमंत्री की त्वरित विकास निधि से स्टेडियम के समीप विद्युत उपकेंद्र स्थापित कर मात्र चार माह में बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराई। इससे निर्माण कार्य को तेज गति मिली।

प्रदेश के खेल निदेशक डॉ. आरपी सिंह का कहना है कि स्टेडियम तैयार होने के बाद पूर्वांचल के लाखों युवाओं को अपने ही क्षेत्र में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण, अभ्यास और प्रतियोगिताओं का अवसर मिलेगा। इससे स्थानीय प्रतिभाओं के लिए राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का रास्ता आसान होगा। वहीं यूपीसीए के सीईओ अंकित चटर्जी के अनुसार स्टेडियम का 92 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
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यह परियोजना आने वाले दशकों तक प्रदेश में खेल विकास, युवा सशक्तीकरण और क्रिकेट संस्कृति को नई दिशा देने वाली स्थायी धरोहर साबित होगी। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों की मेजबानी के साथ यह स्टेडियम खेल पर्यटन को भी नई रफ्तार देगा। इससे होटल, परिवहन, व्यापार और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा वाराणसी वैश्विक खेल मानचित्र पर एक नई पहचान स्थापित करेगा।

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