
लखनऊ, 17 जुलाई 2026:
यूपी अब केवल नई तकनीकों का उपभोक्ता नहीं रहेगा। प्रदेश रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में राष्ट्रीय नेतृत्व की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाएगा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की समीक्षा बैठक में प्रदेश को अनुसंधान, नवाचार और उच्च प्रौद्योगिकी आधारित विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स आने वाली औद्योगिक क्रांति के प्रमुख आधार हैं। इसलिए विश्वस्तरीय विनिर्माण अवसंरचना के साथ मजबूत डीप टेक इकोसिस्टम विकसित किया जाए, जिसमें उद्योग, शिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान, स्टार्टअप, निवेशक और तकनीकी विशेषज्ञ एक मंच पर काम करें। लक्ष्य यह हो कि प्रयोगशालाओं में विकसित तकनीक तेजी से उद्योग तक पहुंचे और नवाचार का व्यावसायीकरण हो।
इसी कड़ी में नोएडा में लगभग 75 एकड़ क्षेत्रफल में ‘प्रगति’ (PRAGATI) यानी ‘पार्क फॉर रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जीपीयू क्लस्टर्स एंड एडवांस्ड टेक्निकल इनोवेशन’ विकसित किया जाएगा। इसे भारत का पहला एकीकृत रोबोटिक्स एवं एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर बताया गया है। यहां रोबोटिक्स परीक्षण एवं प्रमाणन केंद्र, रैपिड प्रोटोटाइपिंग और विनिर्माण सुविधाएं, एआई कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर, मोशन कैप्चर लैब, फिजिकल एआई डेटा सेंटर, स्टार्टअप इनक्यूबेशन और को-वर्किंग स्पेस जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी।

परियोजना के तहत वैश्विक विनिर्माण कंपनियों, कंपोनेंट निर्माताओं, अनुसंधान एवं विकास केंद्रों और विशेषीकृत सेवा प्रदाताओं का समग्र औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र भी तैयार किया जाएगा। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, बेहतर कनेक्टिविटी, जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, रक्षा औद्योगिक गलियारा और मजबूत औद्योगिक-शैक्षणिक आधार के कारण नोएडा को इसके लिए उपयुक्त स्थान माना गया है। परियोजना से एक लाख से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार और अगले पांच वर्षों में 2,000 करोड़ रुपये से अधिक के सकल मूल्य संवर्धन का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने लखनऊ और नोएडा में प्रस्तावित ‘यू हब’ को केवल स्टार्टअप के लिए कार्यस्थल नहीं बल्कि अनुसंधान, नवाचार, उद्योग, निवेश और प्रतिभाओं को जोड़ने वाले विश्वस्तरीय उत्कृष्टता केंद्र के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए। वित्तीय वर्ष 2026-27 में दोनों यू हब के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
नोएडा यू हब में क्वांटम कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर डिजाइन, फिजिकल एआई, रोबोटिक्स, रक्षा प्रौद्योगिकी और उन्नत जैव प्रौद्योगिकी पर फोकस होगा। वहीं लखनऊ यू हब में एप्लाइड एआई, गवटेक, औद्योगिक एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के एआई समाधान, बायोसाइंस और एग्री बायोटेक्नोलॉजी को बढ़ावा दिया जाएगा।
टियर 2 व 3 शहरों तक आईटी उद्योग के विस्तार की तैयारी
योगी ने एआई, मशीन लर्निंग, साइबर सुरक्षा, क्लाउड कंप्यूटिंग, सेमीकंडक्टर और डेटा साइंस में विश्वस्तरीय प्रशिक्षण एवं प्रमाणन की व्यवस्था विकसित करने को कहा। इसके साथ ही आईटी उद्योग को गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद से आगे टियर-2 और टियर-3 शहरों तक विस्तार देने, जीसीसी, स्टार्टअप और एमएसएमई के लिए अनुकूल वातावरण बनाने तथा युवाओं के कौशल, इंटर्नशिप, अनुसंधान, नवाचार और पेटेंट को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। सरकार का लक्ष्य प्रदेश को वैश्विक डिजिटल निवेश का पसंदीदा गंतव्य बनाना है।






