
अनिल निषाद
अयोध्या, 18 जुलाई 2026:
पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन को लेकर चयन समिति को पत्र भेजा है। ठाकुर का कहना है कि उन्होंने भी इस पद के लिए आवेदन किया है, लेकिन उनका आग्रह किसी व्यक्तिगत हित के लिए नहीं बल्कि संस्थागत पारदर्शिता, जवाबदेही और सुशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से है।
उन्होंने पत्र में कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस प्रमुख धार्मिक संस्थान में CEO का चयन पूरी तरह निष्पक्ष, वस्तुनिष्ठ और पारदर्शी तरीके से होना चाहिए। उनका कहना है कि ऐसी प्रक्रिया से संस्थान पर लोगों का भरोसा और मजबूत होगा।
चयन प्रक्रिया सार्वजनिक करने का सुझाव
अमिताभ ठाकुर ने चयन समिति से अनुरोध किया है कि चयन प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्वेच्छा से कुछ अहम जानकारियां सार्वजनिक करने पर विचार किया जाए। उन्होंने कहा कि चयन के लिए तय पात्रता, मूल्यांकन का तरीका और पूरी चयन प्रक्रिया का संक्षिप्त विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने चयनित अभ्यर्थी के चयन के प्रमुख कारणों का भी संक्षिप्त और कारणयुक्त विवरण जारी करने का सुझाव दिया है। उनका कहना है कि इससे श्रद्धालुओं और आम नागरिकों के बीच चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता को लेकर विश्वास और बढ़ेगा।
भविष्य के लिए स्थायी नीति बनाने की मांग
पत्र में अमिताभ ठाकुर ने यह भी सुझाव दिया है कि ट्रस्ट भविष्य में वरिष्ठ पदों पर नियुक्तियों के लिए स्थायी Selection Policy या Standard Operating Procedure यानी SOP तैयार करे और उसे सार्वजनिक भी करे। उनका कहना है कि इससे आगे होने वाली सभी नियुक्तियां समान, पारदर्शी और तय संस्थागत मानकों के मुताबिक हो सकेंगी।

राम के आदर्शों का भी किया उल्लेख
अपने पत्र में उन्होंने भगवान राम के जीवन का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका जीवन मर्यादा, न्याय, सत्यनिष्ठा, निष्पक्षता और लोककल्याण का आदर्श प्रस्तुत करता है। इसलिए उनके नाम से संचालित संस्थान को भी प्रशासनिक उत्कृष्टता, पारदर्शिता और सुशासन के ऐसे मानक स्थापित करने चाहिए, जो करोड़ों श्रद्धालुओं की अपेक्षाओं और संस्थान की गरिमा के अनुरूप हों।






