
अनिल निषाद
अयोध्या, 18 जुलाई 2026ः
दिल्ली के जंतर-मंतर पर पिछले कई दिनों से आमरण अनशन कर रहे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को पुलिस ने जबरन धरनास्थल से उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया। इसके बाद से सियासत गरमा गई है। राजनीतिक दलों से लेकर कई संगठनों ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए इस रवैये के खिलाफ आवाज उठाई है। अयोध्या में भी किसानों ने सोनम वांगचुक के साथ अभद्र व्यवहार और छात्रों के साथ धक्का-मुक्की को लेकर प्रदर्शन किया।
भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और किसानों ने शनिवार को मोदी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। भाकियू के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव एवं किसान नेता घनश्याम वर्मा ने आरोप लगाया कि अनशन कर रहे सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को जबरन अस्पताल ले जाया गया और छात्रों के साथ धक्का-मुक्की कर आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया।

उन्होंने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है, जहां प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है। सरकार को आंदोलनकारियों की मांगों पर संवाद कर समाधान निकालना चाहिए। किसान नेता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। इस दौरान पीएम मोदी को संबोधित तीन सूत्रीय ज्ञापन जिला प्रशासन के प्रतिनिधि को सौंपा गया।
युवा किसान नेता विकास वर्मा ने कहा कि 20 जुलाई को अयोध्या सहित आसपास के कई जिलों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं दिल्ली पहुंचकर आंदोलन में शामिल होंगे। प्रदर्शन में सूर्यनाथ वर्मा, राम गणेश मौर्य, भागीरथी वर्मा, विकास वर्मा, जितेंद्र कुमार, संतोष वर्मा एडवोकेट, रविंद्र मौर्य, मुन्ना कनौजिया, विवेक पटेल, विजय कुमार, अश्वनी शर्मा, सुनील पाल, अशोक कुमार, मस्तराम वर्मा, उर्मिला निषाद आदि किसान मौजूद रहे।






