राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 19 जुलाई 2026ः
बाजारों में मिलने वाली जीवनरक्षक दवाइयों में भी खेल हो रहा है। नामी कंपनियों के नाम पर बाजार में नकली दवाएं बेची जा रही हैं, जो लोगों के लिए जानलेवा साबित हो सकती हैं। इसका खुलासा उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स की ऊधमसिंह नगर के बाजपुर स्थित एक फैक्ट्री में छापेमारी से हुआ। इस दौरान नकली दवाइयों के बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ हुआ है। बिना लाइसेंस के नामी दवा कंपनियों के नाम पर जीवनरक्षक दवाइयों का निर्माण और पैकेजिंग की जा रही थी। मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।
एसटीएफ कुमाऊं यूनिट और औषधि प्रशासन विभाग की टीम ने रविवार सुबह औद्योगिक क्षेत्र स्थित कोविल बायोटैक कंपनी की फैक्ट्री में छापा मारा। यहां से एसटीएफ ने बुलंदशहर (यूपी) निवासी धीरेंद्र को गिरफ्तार किया। धीरेंद्र आयुर्वेदिक और फूड लाइसेंस की आड़ में STADMED, Macleods, Intas और Sun Pharma जैसी कई कंपनियों के नाम से नकली एलोपैथिक दवाइयों का निर्माण कर बाजार में सप्लाई कर रहा था।
कार्रवाई के दौरान फैक्ट्री और एनएच-74 स्थित गोदाम से करीब एक लाख टैबलेट और 15 हजार से अधिक सिरप की बोतलें बरामद की गईं। इनमें एंटासिड, एंटीबायोटिक, दर्द एवं सूजन, नसों के दर्द, प्रोस्टेट, कैल्शियम, विटामिन और आयरन सप्लीमेंट जैसी दवाइयां शामिल हैं, जिनका उपयोग बड़ी संख्या में मरीज करते हैं। छापेमारी में नकली दवाइयों के साथ 2,648 से अधिक बोतल और क्वार्टर अवैध अंग्रेजी शराब, उत्तराखंड आबकारी के होलोग्राम, रैपर, ढक्कन, खाली बोतलें व दवाइयों के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली फिलिंग, सीलिंग, लेबलिंग मशीनें और अन्य उपकरण भी बरामद किए गए।
पूछताछ में आरोपी ने हरियाणा से अवैध शराब मंगाकर उत्तराखंड में सप्लाई करने की बात स्वीकार की है। आरोपी के खिलाफ थाना बाजपुर में मुकदमा दर्ज किया गया है। अवैध शराब की बरामदगी के मामले में अलग से कार्रवाई की जा रही है। एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने कहा कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। मामले में शामिल अन्य आरोपियों और पूरे सप्लाई नेटवर्क की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।






