न्यूज डेस्क, 19 जुलाई 2026:
दिल्ली के जंतर-मंतर पर आमरण अनशन के दौरान पुलिस द्वारा उठाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए गए सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को निजी अस्पताल में शिफ्ट करने की मांग को लेकर उनकी पत्नी गीतांजलि जे अंगमो ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। गीतांजलि ने सफदरजंग अस्पताल की व्यवस्था और वांगचुक के इलाज को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा है कि अब उन्हें अस्पताल पर भरोसा नहीं रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह मामला इलाज से ज्यादा ‘गैरकानूनी हिरासत’ जैसा बन गया है।
गीतांजलि जे अंगमो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया कि अस्पताल ने उन्हें बताया कि सोनम वांगचुक का पोटैशियम स्तर गिरकर 2.9 हो गया है। इसे अस्पताल ने चिंता और जान के लिए खतरा पैदा करने वाली स्थिति बताया, लेकिन अपने सार्वजनिक स्वास्थ्य बुलेटिन में पोटैशियम का वास्तविक स्तर साझा नहीं किया।

गीतांजलि के मुताबिक करीब 10 घंटे बाद और बार-बार अनुरोध करने पर रात 10:30 बजे उन्हें वांगचुक के ब्लड सैंपल लेने की अनुमति दी गई। उन्होंने दावा किया कि एक स्वतंत्र लैब की जांच में वांगचुक का पोटैशियम स्तर 3.5 आया, जो सामान्य सीमा के भीतर है। इसके बावजूद अस्पताल ने उन्हें छुट्टी देने या परिवार की पसंद के निजी अस्पताल में स्थानांतरित करने की अनुमति नहीं दी। गीतांजलि ने यह भी आरोप लगाया कि वांगचुक के फ्लोर पर करीब 30 पुलिसकर्मी और पूरे अस्पताल में 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं। इससे परिवार की आवाजाही बेहद सीमित हो गई है।
गीतांजलि ने कहा कि उन्होंने हाईकोर्ट से तत्काल सुनवाई की मांग की है। अपील की है कि सोनम की तबीयत और खराब होने से पहले उन्हें किसी दूसरे अस्पताल में शिफ्ट करने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिवार को सिर्फ इस बात के लिए सिस्टम से लड़ाई नहीं लड़नी चाहिए कि उनके अपने व्यक्ति का इलाज कहां हो।
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस जंतर-मंतर से उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। अस्पताल में भर्ती होने के बाद भी उनका अनशन जारी है। आज उनकी भूख हड़ताल का 22वां दिन है। वांगचुक ने ड्रिप, ओआरएस और दवा लेने से इनकार कर दिया है। इससे पहले उन्होंने एक संदेश में दावा किया था कि वह अवैध हिरासत में हैं।
उधर, जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का प्रदर्शन जारी है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके भी भूख हड़ताल पर हैं। प्रदर्शनकारियों ने 20 जुलाई को संसद तक मार्च निकालने का ऐलान किया है।






