बाराबंकी, 19 जुलाई 2026:
लखनऊ की एक फाइनेंस कंपनी में काम करने वाले अजय बाजपेई का शव नहर में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। वह बाराबंकी के एक रिजॉर्ट में हो रही एक पार्टी में शामिल हुए थे। कुछ देर बाद वह वहां से अकेले निकल गए और फिर घर नहीं पहुंचे। अगले दिन नहर किनारे मिले उनके जूते और मोबाइल की चार्जिंग लीड ने पुलिस को तलाश की दिशा दी। बाद में करीब पांच किलोमीटर दूर नहर में उनका शव बरामद हुआ।
आखिरी बार बेटे से हुई थी बात
सफदरगंज थाना क्षेत्र के अंबौर गांव निवासी 40 वर्षीय अजय बाजपेई लखनऊ के कुकरैल बांध के पास स्थित डीएसआर फाइनेंस कंपनी में कार्यरत थे। उनके बेटे आभास के मुताबिक शुक्रवार रात 9:04 बजे पिता से आखिरी बार फोन पर बात हुई थी। अजय ने बताया था कि वह बाराबंकी में हैं और थोड़ी देर में घर पहुंच जाएंगे। इसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया।
जूता और चार्जिंग लीड से मिला सुराग
शनिवार सुबह जब परिवार ने तलाश शुरू की तो चौपुला से भनौली जाने वाले पुल के पास नहर किनारे अजय का एक जूता और मोबाइल की चार्जिंग लीड मिली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास तलाश शुरू कराई। शाम को सफदरगंज क्षेत्र के सेमरी गांव के पास नहर की झाल में उनका शव बरामद हो गया। जानकारी पाकर रोड पर मजमा लग गया। पिता व बेटा बिलख पड़ा।
पार्टी में शामिल हुए, फिर अकेले निकल गए
पुलिस के मुताबिक शुक्रवार रात पास के एक रिजॉर्ट में पार्टी आयोजित की गई थी। पार्टी की बुकिंग कराने वाले विनय प्रताप ने पुलिस को बताया कि अजय भी कार्यक्रम में मौजूद थे। उन्होंने शराब पी थी और खुशी में 500 रुपये के नोट भी उड़ाए थे। रात करीब नौ बजे वह अकेले रिजॉर्ट से बाहर निकल गए। फुटेज में भी वह नशे की हालत में लड़खड़ाते हुए बाहर जाते दिखाई दिए हैं।
नशे में लड़खड़ाकर नहर में गिरने की आशंका
पहले मृतक अजय के बेटे ने पिता की हत्या की आशंका जताई थी। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह साफ हो सकेगी। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। फिलहाल अब आशंका व्यक्त की जा रही है कि अत्यधिक नशे में होने के कारण वो नहर में गिर गया। ये जगह रिजॉर्ट से ज्यादा दूर नहीं है।






