
लखनऊ, 20 जुलाई 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक बार फिर प्रदेशवासियों के नाम ‘योगी की पाती’ लिखकर युवाओं को कौशल विकास से जुड़ने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि देश की सर्वाधिक युवा शक्ति वाला उत्तर प्रदेश कौशल के दम पर विकसित प्रदेश बनने के साथ वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में भी मजबूती से आगे बढ़ेगा।
सीएम योगी ने अपनी चिट्ठी में लिखा कि विश्व युवा कौशल दिवस पर प्रदेश के कई युवा साथियों से मिलने और उनकी सफलता की प्रेरक कहानियां सुनने का अवसर मिला। इन युवाओं की उपलब्धियों ने उन्हें विश्वास दिलाया है कि कर्म और कौशल को सर्वोच्च स्थान देने वाली सनातन संस्कृति के मूल्यों के आधार पर उत्तर प्रदेश नई ऊंचाइयों को छू सकता है।
उन्होंने रामायण में रामसेतु निर्माण के प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि यह हमारी सांस्कृतिक चेतना में निहित विज्ञान, शिल्प, नवाचार और कार्यकुशलता का गौरवशाली उदाहरण है। यह हमें सिखाता है कि सही कौशल, संकल्प और सामूहिक प्रयास से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
मुख्यमंत्री ने सोनभद्र की हेमा का उदाहरण देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की सहायता से महज 20 हजार रुपये से शुरू किया गया उनका फर्नीचर व्यवसाय आज लाखों रुपये के टर्नओवर तक पहुंच चुका है। उनके अनुसार यह पारंपरिक कौशल और आधुनिक तकनीक के समन्वय की शक्ति को दर्शाता है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश को ‘कौशल प्रदेश’ बनाने की दिशा में काम किया है। विश्व युवा कौशल दिवस पर शुरू किए गए ‘कौशल सेतु’ और ‘कौशल सारथी’ इसी संकल्प का प्रतीक हैं। प्रदेश आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के हब के रूप में उभर रहा है। ‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना ने पारंपरिक हुनर को वैश्विक पहचान दी है, जबकि ‘टेक युवा-समर्थ युवा’ पहल नई पीढ़ी को भविष्य की तकनीकों से जोड़ रही है।
मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान कौशल को स्वरोजगार और उद्यमिता में बदल रहा है। वहीं, ‘प्रोजेक्ट प्रवीण’ के तहत विद्यार्थियों को नियमित शिक्षा के साथ निशुल्क व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ‘स्किल फॉर जीरो पॉवर्टी’ पहल के तहत गरीब परिवारों के कम से कम एक सदस्य को कौशल से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील की कि अकादमिक शिक्षा के साथ कम से कम एक कौशल में निपुणता अवश्य हासिल करें। उन्होंने कहा कि कौशल युवाओं को सिर्फ रोजगार पाने वाला नहीं बल्कि रोजगार देने वाला भी बनाएगा। उत्तर प्रदेश में अकेले एमएसएमई क्षेत्र से करीब चार करोड़ युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं।
योगी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे कम से कम एक कौशल सीखने का संकल्प लें और योजनाओं का लाभ लेने वाले युवा अपने अन्य साथियों को भी इसकी जानकारी दें। उन्होंने कहा कि कौशल आत्मनिर्भरता का आधार, स्वाभिमान का संबल और विकसित उत्तर प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी है।






