
न्यूज डेस्क, 21 जुलाई 2026:
दिल्ली का जंतर-मंतर एक बार फिर सियासी टकराव का केंद्र बन गया है। संसद मार्च के दौरान हुए भारी बवाल और पुलिस द्वारा जंतर-मंतर खाली कराए जाने के महज छह घंटे बाद प्रदर्शनकारी सोमवार देर रात फिर मौके पर जुट गए। रात 11 बजे तक बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पहुंच गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने दोबारा मंच तैयार कर लिया है जबकि दिल्ली पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।
संसद भवन की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर भारी फोर्स
उधर, आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दीपके ने साफ शब्दों में कहा कि अब सरकार से कोई बातचीत नहीं होगी। यदि किसी को चर्चा करनी है तो उसे जंतर-मंतर आना होगा। इसके साथ ही उन्होंने आज फिर संसद मार्च करने का ऐलान किया है। एहतियात के तौर पर जंतर-मंतर तक जाने वाले रास्ते खुले रखे गए हैं लेकिन संसद भवन की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर अतिरिक्त पुलिस और पैरामिलिट्री बल तैनात कर दिए गए हैं।

विपक्षी नेताओं के जंतर-मंतर पहुंचने की संभावना
पुलिस को आशंका है कि प्रदर्शनकारी एक बार फिर संसद की ओर कूच कर सकते हैं। इसके साथ ही विपक्ष के कई नेताओं के भी जंतर-मंतर पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। प्रदर्शनकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे समेत अपनी तीन प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। दीपके का कहना है कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जातीं तब तक जंतर-मंतर से आंदोलन खत्म नहीं होगा।
सोनम वांगचुक ने किया अनशन जारी रखने का ऐलान
हालांकि, सीजेपी के कुछ नेताओं ने केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से मुलाकात कर सरकार की ओर से मांगों पर विचार का भरोसा मिलने की जानकारी दी है लेकिन दीपके ने मंच से स्पष्ट कर दिया कि अब किसी बंद कमरे में बातचीत नहीं होगी। दूसरी ओर, सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अपना अनशन जारी रखने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि जब तक युवा प्रतिनिधियों को संसद में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिलती या उन्हें अस्पताल में सांसदों से मिलने का अवसर नहीं दिया जाता, तब तक उनका अनशन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को शिक्षा मंत्री की जवाबदेही तय करनी होगी।

दिल्ली पुलिस ने तेज की अपनी कार्रवाई
इधर, सोमवार को हुए हिंसक प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। पुलिसकर्मियों से मारपीट, पथराव और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के मामलों में अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। सीसीटीवी फुटेज और वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। अब तक 70 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है।
पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान आईपीएस अधिकारियों सहित दिल्ली पुलिस और पैरामिलिट्री के 118 से अधिक जवान घायल हुए हैं। पुलिस कमिश्नर अनुराग कुमार ने अस्पताल पहुंचकर घायल जवानों का हाल जाना। पुलिस ने साफ कर दिया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति है लेकिन हिंसा या कानून व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।






