
बिजनेस डेस्क, 22 जुलाई 2026:
भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को कारोबार की शुरुआत कमजोरी के साथ हुई। शुरुआती मिनटों से ही बिकवाली का दबाव दिखा और देखते ही देखते सेंसेक्स करीब 600 अंक तक लुढ़क गया। वहीं निफ्टी भी 24,050 के नीचे फिसल गया। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल का असर घरेलू बाजार पर साफ दिखाई दिया।
शुरुआत से ही रहा दबाव
बाजार खुलते ही सेंसेक्स 362 अंक से ज्यादा टूटकर 77,107.64 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 90 अंकों से ज्यादा गिरकर 24,096.75 पर कारोबार करता दिखा। कारोबार आगे बढ़ने के साथ बिकवाली और तेज हो गई। सुबह करीब 9:37 बजे सेंसेक्स 599.28 अंक टूटकर 76,870.83 पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी 163.61 अंक की गिरावट के साथ 24,024.10 के स्तर पर कारोबार कर रहा था।
किन वजहों से आई गिरावट
विश्लेषकों का कहना है कि पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ रहे भू-राजनीतिक तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। इसका सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा और ब्रेंट क्रूड 92 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर निकल गया। तेल महंगा होने से महंगाई और आयात लागत बढ़ने की आशंका भी बाजार पर दबाव बना रही है। इसके अलावा रुपये में कमजोरी और विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII की लगातार बिकवाली ने भी बाजार की चाल कमजोर कर दी।
इन शेयरों पर सबसे ज्यादा असर
शुरुआती कारोबार में एविएशन और फार्मा सेक्टर के शेयरों पर ज्यादा दबाव देखने को मिला। इंडिगो और सन फार्मा के शेयर सबसे ज्यादा टूटने वालों में शामिल रहे। बाजार के जानकारों का मानना है कि जब तक वैश्विक हालात सामान्य नहीं होते, निवेशकों की नजर अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर बनी रहेगी।
आगे कैसी रह सकती है बाजार की चाल
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि फिलहाल शेयर बाजार सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव के साथ कारोबार कर सकता है। पश्चिम एशिया की स्थिति, कच्चे तेल की कीमतें, रुपये की चाल और विदेशी निवेशकों की खरीद-बिक्री आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा तय करेगी।
Global Market से मिले-जुले संकेत
दुनिया के दूसरे बाजारों में भी मिला-जुला रुख देखने को मिला। जापान का टॉपिक्स इंडेक्स करीब 1.3 फीसदी मजबूत रहा। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 इंडेक्स भी हल्की बढ़त में कारोबार करता दिखा। दूसरी ओर हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स गिरावट में रहा। शंघाई कंपोजिट में हल्की तेजी दर्ज की गई, जबकि यूरो स्टॉक्स 50 फ्यूचर्स में भी मामूली बढ़त देखने को मिली।






