
लखनऊ/प्रतापगढ़, 22 जुलाई 2026:
एक घायल देसी गाय की सेवा से शुरू हुआ सफर आज एक परिवार के लिए ग्रामीण आत्मनिर्भरता और डेयरी उद्यमिता की प्रेरक मिसाल बन चुका है। यूपी सरकार की मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना ने प्रतापगढ़ जिले के सांड़वा चंडिका गांव निवासी शिवम सिंह के जीवन को नई दिशा दी है। कभी एक गाय की देखभाल से शुरू हुई पहल अब 25 गोवंश, आधुनिक डेयरी, सालाना 20 लाख रुपये से अधिक आय और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर का मजबूत आधार बन गई है।
शिवम बताते हैं कि करीब पांच वर्ष पहले उनके पिता राकेश को रास्ते में एक घायल देसी गाय मिली थी। परिवार उसे घर ले आया और पूरी निष्ठा के साथ उसकी सेवा शुरू की। इसी गोसेवा ने पिता-पुत्र के मन में पशुपालन के प्रति लगाव पैदा किया। समय के साथ गोवंश की संख्या बढ़ती गई और परिवार ने इसे व्यवस्थित डेयरी व्यवसाय का रूप देने का फैसला किया।
इसी दौरान शिवम को यूट्यूब के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना की जानकारी मिली। उन्होंने योजना के तहत आवेदन किया। चयनित होने पर पांच लाख रुपये का ऋण प्राप्त हुआ। इस सहायता से उन्होंने राजस्थान से साहीवाल और गिर नस्ल की 10 उच्च गुणवत्ता वाली गायें खरीदीं तथा आधुनिक डेयरी की स्थापना की।
आज शिवम की डेयरी से प्रतिदिन लगभग 110 लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है। इस व्यवसाय से उनकी वार्षिक आय 20 लाख रुपये से अधिक पहुंच चुकी है। शिवम का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी की इस योजना ने उनके सपनों को नई उड़ान दी है और अब वे डेयरी का विस्तार कर गांव तथा आसपास के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी तैयार करना चाहते हैं।
शिवम ने अपनी डेयरी में आधुनिक तकनीकों को अपनाकर बेहतर नस्ल सुधार पर विशेष ध्यान दिया है। इससे उच्च गुणवत्ता वाली बछियाओं का जन्म हो रहा है। स्वदेशी नस्ल की गायों के संरक्षण एवं संवर्धन को भी मजबूती मिल रही है। उनका अगला लक्ष्य शुद्ध ए2 दूध से घी और अन्य मूल्यवर्धित दुग्ध उत्पाद तैयार कर बाजार में अलग पहचान बनाना है। इसके साथ ही वे देसी नस्लों के ब्रीड डेवलपमेंट को बड़े स्तर पर आगे बढ़ाने की योजना पर काम कर रहे हैं।
शिवम की सफलता बताती है कि सेवा भाव, आधुनिक तकनीक और सरकार की प्रभावी योजनाओं का सही उपयोग ग्रामीण युवाओं की जिंदगी बदल सकता है। एक घायल देसी गाय से शुरू हुई यह कहानी आज आत्मनिर्भर भारत, रोजगार सृजन और ग्रामीण समृद्धि का ऐसा मॉडल बन गई है। यह प्रदेश के हजारों युवाओं को पशुपालन और डेयरी उद्यमिता की ओर कदम बढ़ाने की प्रेरणा दे रही है।






