
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 23 जुलाई 2026ः
दिल्ली में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण (पीएम-पोषण) और समग्र शिक्षा अभियान की राष्ट्रीय समीक्षा बैठक में उत्तराखंड के शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कई सुझाव रखे। उन्होंने विद्यालयों में बच्चों को अधिक पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए पीएम-पोषण योजना के तहत सामग्री लागत (मैटेरियल कॉस्ट) बढ़ाने की मांग की। साथ ही उन्होंने भोजन माताओं के मानदेय में वृद्धि की भी बात कही।
दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अध्यक्षता में आयोजित दो दिवसीय समीक्षा बैठक में डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि प्राथमिक स्तर पर सामग्री लागत 10 रुपये और उच्च प्राथमिक स्तर पर 15 रुपये की जानी चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्यों में किचन कम स्टोर निर्माण के लिए 50 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता देने का भी आग्रह किया।
समग्र शिक्षा अभियान के तहत राज्यों को मिलने वाले केंद्रीय अंशदान को लेकर भी शिक्षा मंत्री ने अहम सुझाव दिए। शिक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान में अगली किस्त प्राप्त करने के लिए 75 प्रतिशत राशि खर्च करने की अनिवार्यता को घटाकर 50 प्रतिशत किया जाना चाहिए, ताकि राज्यों में विकास कार्य बिना किसी बाधा के जारी रह सकें।

उन्होंने विशेष परिस्थितियों में विभिन्न मदों के बीच व्यय की अनुमति देने की भी मांग की। इसके अलावा शिक्षा मंत्री ने पर्वतीय राज्यों के लिए वार्षिक रखरखाव अनुदान बढ़ाने, सीपैक्स परिसंपत्तियों के रखरखाव को मानव संसाधन नियुक्ति के लिए मानदेय स्वीकृत करने, एनआईओएस के डेटा को यूडायस प्लस से जोड़ने, राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए निशुल्क गणवेश सहायता बढ़ाकर एक हजार रुपये प्रति छात्र करने और भौतिक एवं वित्तीय प्रगति के आधार पर प्रत्येक तिमाही में केंद्रीय अंश समयबद्ध जारी करने का सुझाव दिया।
डॉ. रावत ने राज्य सरकार द्वारा शिक्षा और पोषण के क्षेत्र में किए गए नवाचारों व उपलब्धियों की भी जानकारी साझा की। बैठक के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने उत्तराखंड में पीएम-पोषण और समग्र शिक्षा अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन की सराहना करते हुए कहा कि राज्य ने दोनों योजनाओं में अपेक्षा से बेहतर प्रदर्शन किया है। उत्तराखंड के नवाचार अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणादायी हैं।






