
लखनऊ, 23 जुलाई 2026:
यूपी की 69 हजार शिक्षक भर्ती में नियुक्ति की मांग को लेकर आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। आंदोलित अभ्यर्थियों का एक प्रतिनिधिमंडल गुरुवार को प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर के आवास पहुंचा और उन्हें ज्ञापन सौंपकर जल्द नियुक्ति की मांग की। अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में 21 जुलाई को हुई सुनवाई के दौरान बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से दाखिल एफिडेविट पर गंभीर सवाल उठाए।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल इरशाद अहमद, अमर मौर्य, अनिल यादव आदि ने मंत्री को बताया कि विभाग ने अपने एफिडेविट में 8270 पदों का विवरण प्रस्तुत किया है। इनमें 3324 पद ऐसे बताए गए हैं जो ओबीसी वर्ग को पहले ही मिल जाने चाहिए थे लेकिन अब तक नियुक्ति नहीं हो सकी। वहीं 4946 पदों को उन अभ्यर्थियों का बताया गया है, जिन्हें नियुक्ति के लिए बुलाया गया था लेकिन उन्होंने जॉइन नहीं किया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि इन 4946 पदों पर चयनित अभ्यर्थियों ने कार्यभार ग्रहण नहीं किया तो उनके नाम अब तक सूची में क्यों बनाए रखे गए हैं। उनका तर्क है कि इन पदों को रिक्त मानते हुए मेरिट नीचे तक बढ़ाई जाए और पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति का अवसर दिया जाए। एफिडेविट के अनुसार वर्तमान में सामान्य वर्ग के 1144, ओबीसी के 2524, एससी के 1244 और एसटी के 34 पद रिक्त बताए गए हैं।
कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने अभ्यर्थियों की बातें गंभीरता से सुनने के बाद उन्हें आश्वस्त किया कि वह तत्काल मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पूरे मामले के शीघ्र और न्यायपूर्ण निस्तारण का आग्रह करेंगे। मंत्री के आश्वासन के बाद अभ्यर्थियों ने उम्मीद जताई कि लंबे समय से लंबित नियुक्ति प्रक्रिया अब जल्द आगे बढ़ेगी।






