
गोरखपुर, 23 जुलाई 2026:
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को गोरखपुर को 995 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात देते हुए विपक्ष, खासकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला। जिले के पहले 2.6 किलोमीटर लंबे सिक्सलेन टीपीनगर-पैडलेगंज फ्लाईओवर सहित 813.52 करोड़ रुपये की चार परियोजनाओं का लोकार्पण और 181.77 करोड़ रुपये की 10 विकास योजनाओं का शिलान्यास करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग सत्ता में रहते हुए आस्था पर प्रहार करते थे वही आज आस्था का सबसे बड़ा ठेकेदार बनने की कोशिश कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और सपा के नेताओं के मुंह से आस्था की बातें हास्यास्पद लगती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा सरकार ने श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन में बाधाएं खड़ी कीं और रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं। कांग्रेस ने भगवान श्रीराम के अस्तित्व पर सवाल उठाते हुए मंदिर आंदोलन के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में वकील खड़ा किया। उन्होंने कहा कि ऐसे दलों को आस्था पर बोलने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
सीएम योगी ने कहा कि पिछली सरकारों ने केवल आस्था ही नहीं बल्कि युवाओं के भविष्य, किसानों के अधिकार और महिलाओं व व्यापारियों की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ किया। उन्होंने दावा किया कि 2017 से पहले प्रदेश दंगों और अराजकता का गढ़ था, जबकि आज उत्तर प्रदेश कानून व्यवस्था और विकास का मॉडल बन चुका है।
इंसेफेलाइटिस का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और सपा पर पूर्वी उत्तर प्रदेश की जनता की उपेक्षा का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि हजारों बच्चों की मौत होती रही लेकिन तत्कालीन सरकारें संवेदनहीन बनी रहीं। उन्होंने कहा कि बच्चों और नौजवानों के साथ जितना अत्याचार इन सरकारों ने किया, उसे शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता।

रोजगार के मुद्दे पर सीएम ने कहा कि सपा सरकार में नौकरियों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था जबकि उनकी सरकार ने नौ वर्षों में बिना भेदभाव नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। उन्होंने बताया कि एक जिला-एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना से पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान मिली और सवा तीन करोड़ युवाओं व कारीगरों ने अपने उद्यम शुरू किए। निजी निवेश के जरिए 65 लाख युवाओं को रोजगार मिला है।
गोरखपुर के विकास का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय यह शहर माफिया, गुंडों और मच्छरों के लिए बदनाम था। आज निवेश और रोजगार का प्रमुख केंद्र बन गया है। उन्होंने बताया कि गीडा में निवेश के चलते 50 हजार युवाओं को रोजगार मिला है। अब लोग गोरखपुर में जमीन खरीदने और घर बनाने को प्राथमिकता दे रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि 2007 से 2017 के बीच 29 चीनी मिलें बंद कर दी गईं और 21 मिलों को औने-पौने दामों में बेच दिया गया। पडरौना चीनी मिल का उदाहरण देते हुए कहा कि उसे केवल दो करोड़ रुपये में बेच दिया गया जबकि उसकी जमीन की कीमत ही 200 करोड़ रुपये से अधिक थी।

सीएम ने कहा कि डबल इंजन सरकार के कारण पूर्वांचल से इंसेफेलाइटिस लगभग समाप्त हो चुका है। हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित हुए हैं। गोरखपुर में एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज स्वास्थ्य सेवाओं के बड़े केंद्र बने हैं तथा बंद खाद कारखाना फिर से चालू होने से किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो रही है। उन्होंने रामगढ़ताल को पर्यटन और आजीविका का नया केंद्र बताते हुए कहा कि जहां कभी अपराध और गंदगी का माहौल था वहीं आज हजारों परिवार देर रात तक घूमने आते हैं और फिल्मों की शूटिंग हो रही है।
बेहतर कनेक्टिविटी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर से लखनऊ की यात्रा अब साढ़े तीन घंटे और वाराणसी की दूरी ढाई घंटे में पूरी हो रही है। शहर से 14 हवाई उड़ानें संचालित हो रही हैं तथा वंदे भारत और अमृत भारत जैसी ट्रेनों ने पूर्वांचल की रफ्तार बढ़ाई है।
अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने लोगों से स्वच्छता अपनाने, नालियों और नालों पर अतिक्रमण न करने, सड़क पर कूड़ा न फेंकने तथा बरसात के मौसम में अधिक से अधिक पौधरोपण करने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वच्छता, शुद्ध पेयजल और हरियाली से ही स्वस्थ एवं विकसित समाज का निर्माण संभव है।
इस अवसर पर सांसद रवि किशन, कुशीनगर के सांसद विजय दुबे, विधायक फतेह बहादुर सिंह, श्रीराम चौहान, राजेश त्रिपाठी, महेंद्रपाल सिंह, डॉ. विमलेश पासवान, प्रदीप शुक्ल, सरवन निषाद, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष चारू चौधरी, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, भाजपा जिलाध्यक्ष जनार्दन तिवारी सहित कई लोग उपस्थित थे।






