Uttarakhand

नीट के बाद यूटीयू पेपर लीक मामला: दो विषयों की परीक्षाएं रद्द, NSUI ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोला

देहरादून के वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का मामला, विश्वविद्यालय ने संबंधित शिक्षक को सात वर्षों के लिए सभी परीक्षा संबंधी गतिविधियों से किया प्रतिबंधित, शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से जवाबदेही तय करने की मांग

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 23 जुलाई 2026ः

अभी नीट पेपर लीक का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा कि इसी बीच उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) में पेपर लीक का मामला सामने आ गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने दो विषयों की परीक्षाएं निरस्त कर दी हैं। वहीं, इस मामले को लेकर एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय प्रशासन और प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डा. वीके पटेल के अनुसार विवि को पेपर लीक की शिकायत मिली थी। मामले की जांच कराने पर पता चला कि बाह्य प्रश्नपत्र निर्माता रहे एक निजी इंजीनियरिंग कालेज के सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता ने परीक्षा से पहले कुछ प्रश्न छात्रों के आंतरिक पोर्टल और वाट्सएप के जरिये साझा किए थे। जांच समिति ने पाया कि साझा किए गए प्रश्न परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मेल खा रहे थे।

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विश्वविद्यालय ने इसे परीक्षा की गोपनीयता और शैक्षणिक मानकों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए संबंधित शिक्षक को सात वर्षों के लिए विश्वविद्यालय की सभी परीक्षा संबंधी गतिविधियों से प्रतिबंधित कर दिया है। विवि प्रशासन ने सम सेमेस्टर 2025-26 की Machine Learning for Internet of Things (IOTT004) और Electromagnetic Field Theory (ECT043) विषयों की परीक्षाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी हैं। अब दोनों विषयों की पुनर्परीक्षा अगस्त के तीसरे सप्ताह में आयोजित की जाएगी।
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वहीं, एनएसयूआई ने इस मामले को लेकर विश्वविद्यालय मुख्यालय में प्रदर्शन किया। सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। डीएवी (पीजी) कॉलेज के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल ने कहा कि लगातार सामने आ रही पेपर लीक की घटनाएं छात्रों के भविष्य के साथ अन्याय हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उच्च शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता का अभाव है और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय में पूर्व में उठाए गए सॉफ्टवेयर घोटाले के मुद्दे का भी जिक्र करते हुए परीक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।

एनएसयूआई ने उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत से जवाबदेही तय करने की मांग करते हुए कहा कि यदि व्यवस्था में सुधार नहीं होता है तो उन्हें पद से इस्तीफा देना चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय से छात्रों की समस्याओं के समाधान के लिए विशेष शिविर लगाने और समय पर परीक्षा परिणाम जारी करने की भी मांग की। प्रदर्शन में सुमित खन्ना, संग्राम सिंह पुंडीर, तेजस्वी राणा, हिमांशु रावत सहित एनएसयूआई कार्यकर्ता मौजूद रहे। दूसरी ओर कांग्रेस महानगर अध्यक्ष डा. जसविंदर सिंह गोगी ने मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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