
योगेंद्र मलिक
अल्मोड़ा, 7 अगस्त 2026:
उत्तराखंड राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड की अल्मोड़ा शाखा में करोड़ों रुपये के Loan घोटाले का मामला सामने आया है। बैंक की प्रबंध समिति से 2 करोड़ रुपये की मंजूरी मिलने के बावजूद करीब 7 करोड़ रुपये का ऋण स्वीकृत किए जाने के आरोप में पुलिस ने बैंक के चार तत्कालीन अधिकारियों समेत छह लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा, आपराधिक साजिश सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।
2 करोड़ की मंजूरी, 5 करोड़ अतिरिक्त Loan देने का आरोप
पुलिस के मुताबिक प्रबंध समिति ने मैसर्स मां नंदा बिल्डकॉम प्राइवेट लिमिटेड के लिए सिर्फ 2 करोड़ रुपये की Loan Limit मंजूर की थी। आरोप है कि बैंक के तत्कालीन अधिकारियों ने आपसी मिलीभगत से बिना सक्षम स्वीकृति के इस सीमा को बढ़ाकर 7 करोड़ रुपये का स्वीकृति पत्र जारी कर दिया। इससे बैंक पर 5 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय जोखिम आ गया।
बंधक संपत्ति के मूल्यांकन पर भी सवाल
जांच में यह बात भी सामने आई है कि जिस संपत्ति को ऋण के बदले बंधक रखा गया था, उसका मूल्य बैंकिंग मानकों के मुताबिक पर्याप्त नहीं था। आरोप है कि कम कीमत वाली संपत्ति के आधार पर बड़ी रकम का ऋण मंजूर कर बैंक के हितों की अनदेखी की गई।
पूर्व एमडी समेत छह लोगों पर केस
इस मामले में अल्मोड़ा कोतवाली पुलिस ने तत्कालीन प्रबंध निदेशक दीपक कुमार, तत्कालीन महाप्रबंधक धर्मवीर सिंह, तत्कालीन सहायक महाप्रबंधक कर्ण सिंह बिष्ट, तत्कालीन शाखा प्रबंधक मनोज राणा, मैसर्स मां नंदा बिल्डकॉम प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक आनंद सिंह चौहान और निदेशक सुनीता चौहान के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
दस्तावेजों की जांच जारी
पुलिस का कहना है कि बैंक के वित्तीय रिकॉर्ड, Loan स्वीकृति से जुड़े दस्तावेजों समेत सभी अहम अभिलेखों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान अगर किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।






