
विजय पटेल
रायबरेली, 24 जुलाई 2026ः
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की इस्तीफे की मांग को लेकर पीएम आवास के बाहर धरना देने पर नेता प्रतिपक्ष व सांसद राहुल गांधी को हिरासत में ले लिया गया था। इसके बाद से सियासत गरमा गई है। रायबरेली के हरचंदपुर कस्बे में राहुल गांधी के खिलाफ लगे पोस्टरों ‘ पूछता है, रायबरेली का युवा…’ को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर हमला बोला है। कांग्रेस ने कहा कि युवाओं की आवाज उठाने वालों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
हरचंदपुर कस्बे में ‘ पूछता है, रायबरेली का युवा…’ नाम से लगाए गए पोस्टरों पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष पंकज तिवारी ने कड़ा विरोध जताया है। पोस्टरों में राहुल गांधी से उनके संसदीय कार्यकाल के दौरान युवाओं और छात्रों के लिए किए गए कार्यों पर सवाल उठाए गए हैं। साथ ही उन्हें ‘छात्र विरोधी चेहरा’ बताते हुए छात्र आंदोलन की आड़ में राजनीति करने के आरोप लगाए गए हैं। पोस्टर में लिखा है, ‘राहुल गांधी का छात्र विरोधी चेहरा आंदोलन में शामिल होने के बजाए अपना अलग मंच बनाकर कर रहे सियासी नौटंकी… देश के युवाओं को कब तक गुमराह कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकेंगें राहुल गांधी जी’।
इसके अलावा और भी कई कमेंट्स पोस्टर में लिखे हैं। जैसे ‘जिले के सांसद होने के नाते राहुल गांधी ने अपने कार्यकाल में युवाओं के भविष्य के लिए क्या किया… देश की संसद में अपनी नींद पूरी कर सड़क पर छात्रों के लिए झूठी संवेदना दिखाने का काम क्यों?’ पोस्टरों पर हर्षित सिंह तोमर का नाम भी लिखा है। पंकज तिवारी ने कहा कि देश का युवा अपने भविष्य को लेकर संघर्ष कर रहा है, लेकिन उसकी आवाज उठाने वालों को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान बल प्रयोग किया गया और राहुल गांधी ने केवल छात्रों की समस्याओं को उठाने का काम किया, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया।

पंकज तिवारी ने पोस्टरबाजी को युवाओं का अपमान बताते हुए इसकी निंदा की और कहा कि जनता और रायबरेली का युवा इस राजनीति का लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगा। उन्होंने बीजेपी के मंत्री दिनेश प्रताप सिंह पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में छात्रों पर जो अत्याचार हुआ है, उसको उचित मान रहे हैं। जिलाध्यक्ष ने कहा कि एक तरफ तो हमारे देश का छात्र परेशान है, वह अपने भविष्य की लड़ाई लड़ रहा है। वहीं, बीजेपी द्वारा युवाओं के विरोध में पोस्टर लगवाए जा रहे हैं, जो उचित नहीं है।






