
विजय पटेल
रायबरेली, 6 सितंबर 2026:
यूपी के रायबरेली जिले में पूर्व कैबिनेट मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा सियासी दावा किया है। अपनी जनता पार्टी के नेता मौर्य ने कहा कि अगले विधानसभा चुनाव में तीसरा मोर्चा आकार लेगा, जो भाजपा को सत्ता से बाहर करने की दिशा में काम करेगा। सारस चौराहे पर समर्थकों ने उनका स्वागत किया, जिसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में भाजपा, बसपा प्रमुख मायावती व सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधा।
मायावती पर वरिष्ठ नेताओं को किनारे करने का आरोप
स्वामी प्रसाद मौर्य ने बसपा प्रमुख मायावती पर पार्टी के पुराने व वरिष्ठ नेताओं को लगातार किनारे करने का आरोप लगाया। उन्होंने आकाश आनंद को पार्टी की जिम्मेदारियों से हटाए जाने के फैसले पर भी सवाल खड़े किए। मौर्य ने कहा कि अगर आकाश आनंद को अपरिपक्व माना गया तो उन्हें बार-बार बड़ी जिम्मेदारियां क्यों दी गईं। उन्होंने इसे बसपा की अंदरूनी राजनीति से जोड़कर सवाल उठाया।
भाजपा सरकार पर बेरोजगारी-महंगाई को लेकर हमला
मौर्य ने भाजपा सरकार पर बेरोजगारी, महंगाई, शिक्षा व निजीकरण जैसे मुद्दों को लेकर हमला बोला। उनका आरोप है कि सरकार जनता से जुड़े सवालों से ध्यान हटाने के लिए धार्मिक व सांप्रदायिक मुद्दों को ज्यादा तवज्जो देती है। सरकारी स्कूलों की स्थिति व शराब की दुकानों को लेकर भी उन्होंने सरकार से सवाल किए।
अखिलेश को खुद PDA की परिभाषा नहीं मालूम
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के PDA फॉर्मूले पर भी स्वामी प्रसाद मौर्य ने टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव खुद PDA की स्पष्ट परिभाषा नहीं बता पा रहे हैं। मौर्य ने समाजवादी पार्टी की रणनीति पर सवाल उठाते हुए संकेत दिया कि 2027 के चुनाव में विपक्षी राजनीति का समीकरण मौजूदा ढांचे से अलग हो सकता है।
भाजपा को लेकर किया सत्ता परिवर्तन का दावा
भाजपा नेताओं के दोबारा सरकार बनाने के दावों पर मौर्य ने कहा कि जनता इस बार बदलाव का मन बना चुकी है। उनका दावा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में तीसरा मोर्चा मजबूत होगा। मौर्य ने कहा कि आने वाले चुनाव में यूपी की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।






