बाराबंकी, 25 जुलाई 2026:
बाराबंकी में शनिवार को किसानों और छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर अलग-अलग संगठनों ने प्रदर्शन किया। सपा कार्यकर्ताओं ने खाद की कमी, यूरिया और डीएपी की कालाबाजारी, ओवररेटिंग के साथ दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध किया। वहीं भीम आर्मी व आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं और छात्र-छात्राओं ने भी दिल्ली के छात्र आंदोलन के समर्थन में मार्च निकाला। दोनों प्रदर्शनों में सरकार की नीतियों को लेकर नारेबाजी की गई।
सपा ने खाद की किल्लत और कालाबाजारी का मुद्दा उठाया
पूर्व एमएलसी राजेश यादव राजू के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ता गन्ना संस्थान परिसर में जुटे। यहां धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रदेश सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए। सपा नेताओं ने कहा कि जिले में किसान खाद के लिए परेशान हैं। बाजार में यूरिया और डीएपी की उपलब्धता को लेकर दिक्कत है, जबकि कालाबाजारी और ज्यादा कीमत वसूलने की शिकायतें सामने आ रही हैं। धरने के बाद कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए डीएम कार्यालय पहुंचे। इस दौरान किसानों और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। सपा कार्यकर्ताओं ने खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने और कालाबाजारी करने वालों पर कार्रवाई की मांग उठाई।
डीएम आफिस जाते समय पुलिस से हुई झड़प
सपाई आगे बढ़े तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस से धक्कामुक्की भी हुई। डीएम कार्यालय पहुंचने के बाद सपा नेताओं ने प्रशासन को राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। इसमें जिले में किसानों को समय पर खाद उपलब्ध कराने, यूरिया और डीएपी की कालाबाजारी रोकने और ओवररेटिंग करने वालों पर सख्त कार्रवाई की मांग की गई। ज्ञापन में दिल्ली में छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी शामिल रही। सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों के प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज किया गया, जिसकी जांच कर जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

दिल्ली के छात्र आंदोलन के समर्थन में भीम आर्मी का मार्च
उधर, दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन के समर्थन में भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं और छात्र-छात्राओं ने भी बाराबंकी में प्रदर्शन किया। अंबेडकर छात्रावास से शुरू हुआ मार्च पटेल चौराहे तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक और युवाओं से जुड़े मुद्दे उठाए।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि दिल्ली में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। छात्राओं के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने का आरोप भी लगाया गया। उनका कहना था कि भर्ती परीक्षाओं और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों का जवाब देने के बजाय आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। छात्रों की मांगों पर जल्द फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने इसे बड़े शहरों से लेकर गांवों तक ले जाने की चेतावनी दी।






