Hardoi City

नाबालिग नौकरों को लालच, खाने में नींद की गोलियां, 1.29 करोड़ लेकर फ़ुर्र, ऐसे मिली चोरों की फौज

थोक किराना व्यापारी के घर से चोरी गया था कैश, मुनीम के रिश्तेदार ने घर के नाबालिग नौकरों से पूरी डिटेल लेकर करीब एक हफ्ते तक चलती रही चोरी की तैयारी, वारदात के बाद पिकअप से 8 बैग में भरी रकम लेकर लखनऊ पहुंचे आरोपी, दो नाबालिग समेत 16 गिरफ्तार, पूरा कैश बरामद

हरदोई, 26 जुलाई 2026:

हरदोई के रेलवेगंज में थोक किराना व्यापारी के घर 1.29 करोड़ रुपये की चोरी अचानक नहीं हुई थी। जांच में सामने आया कि वारदात के पीछे घर और नकदी की पूरी जानकारी रखने वाले शख्स ने नौकरों को साथ मिलाकर करीब एक हफ्ते तक प्लान तैयार किया। पहले घर की रूटीन और रकम के बारे में जानकारी जुटाई, फिर सही वक्त देखकर व्यापारी और उनकी पत्नी के खाने में नींद की गोलियां मिला दी गईं। दोनों के सो जाने के बाद दूसरी मंजिल के कमरे से नकदी से भरे आठ बैग निकाले गए और नीचे इंतजार कर रहे साथियों की पिकअप में रखकर आरोपी फरार हो गए।

थोक किराना व्यापारी ने नौकरों पर जताया था शक, उत्तराखंड, दिल्ली तक गईं पुलिस टीमें

बता दें व्यापारी पंकज अग्रवाल ने 17 जुलाई को शहर कोतवाली में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुरुआती रिपोर्ट में रकम का जिक्र नहीं था। उन्होंने अपने यहां काम करने वाले शोभित और दो नाबालिग कर्मचारियों पर शक जताया था। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने CCTV footage और surveillance के जरिए जांच शुरू की। करीब 150 कैमरों की फुटेज खंगाली गई। पुलिस ने आरोपियों की तलाश में उत्तराखंड और दिल्ली तक दबिश दी। जांच में सबसे पहले शोभित और दोनों नाबालिग पुलिस के हाथ लगे। पूछताछ के बाद लखनऊ कनेक्शन सामने आया। इसके बाद अमन और महफूज का नाम सामने आया। एक-एक कड़ी जोड़ते हुए पुलिस ने चोरी की पूरी साजिश में शामिल लोगों तक पहुंच बनाई।

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16 आरोपी पकड़े, 1.28 करोड़ से अधिक कैश बरामद

पुलिस ने दो नाबालिगों के अलावा लखनऊ मड़ियांव के दीपक, सनी गुप्ता और अमान के साथ बाराबंकी के महफूज, व हरदोई के शोभित, अजय, विशाल, बदन,परम् किशोर, केशव, शिवम, सनी वाल्मीकि, नीरज व प्रिंस को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 1 करोड़ 28 लाख 99 हजार 310 रुपये नकद बरामद हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, बरामद रकम में 10, 20, 50, 100, 200 और 500 रुपये के नोट शामिल हैं।

घर की जानकारी बाहर से नहीं, अंदर से मिली

पुलिस के मुताबिक, टड़ियावां थाना क्षेत्र के बेलाहा गांव निवासी अजय शुक्ला इस साजिश का मुख्य आरोपी है। अजय पहले रेलवेगंज की दुकानों पर काम कर चुका था। उसका जीजा पंकज अग्रवाल के यहां मुनीम है। इसी रिश्ते की वजह से अजय को व्यापारी के घर, वहां काम करने वाले लोगों और नकदी रखे होने की जानकारी मिलती थी। अजय ने इसी जानकारी को चोरी के प्लान में बदला। उसने अपने साथियों शिवम और बदन को शामिल किया। इसके बाद व्यापारी के यहां करीब सात साल से काम कर रहे 20 वर्षीय शोभित और दो नाबालिग कर्मचारियों से संपर्क किया गया। पुलिस के अनुसार, इन्हें लालच देकर साथ लिया गया और करीब एक सप्ताह तक चोरी की तैयारी चलती रही।

पहले तय किया गया कि घर में कोई जागे नहीं, बैग ले जाने के लिए खड़ी थी पिकप

पुलिस जांच में सामने आया कि साजिश का सबसे अहम हिस्सा यह था कि चोरी के दौरान व्यापारी और उनकी पत्नी को भनक न लगे। इसके लिए 16 जुलाई की रात शोभित और दोनों नाबालिग कर्मचारियों ने दोनों के खाने में नींद की गोलियां मिला दीं। खाना खाने के बाद जब व्यापारी और उनकी पत्नी गहरी नींद में चले गए, तब आरोपियों ने दूसरी मंजिल के बेडरूम की अलमारी को निशाना बनाया। वहां रखी नकदी को आठ बैग में भरा गया। नीचे अजय, शिवम और बदन पहले से पिकअप लेकर तैयार थे। घर से नकदी के आठ बैग निकालने के बाद सभी आरोपी नीचे पहुंचे। बैग पिकअप में रखे गए और आरोपी मौके से निकल गए।

लखनऊ में हुआ रकम का बंटवारा

पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी सीधे रकम लेकर लखनऊ पहुंचे। वहां उनकी मुलाकात हिस्ट्रीशीटर अमन और बाराबंकी निवासी महफूज उर्फ लाली से हुई। लखनऊ में अमन और महफूज ने छह आरोपियों से चोरी की रकम अपने कब्जे में ले ली और वहां से फरार हो गए। इसके बाद चोरी की रकम को लेकर आरोपियों का नेटवर्क अलग-अलग हिस्सों में बंट गया। इसके बाद पुलिस ने कड़ियां जोड़कर सभी को दबोच लिया।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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