
बिजनेस डेस्क, 30 जुलाई 2026:
भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को कारोबार के दौरान लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिला। अमेरिकी Federal Reserve के ब्याज दरों को मौजूदा स्तर पर बनाए रखने के फैसले के बाद निवेशक सतर्क नजर आए। फेड ने दरों में कोई बदलाव नहीं किया, लेकिन कई नीति निर्माताओं की तरफ से इस साल के अंत में Rate Hike के संकेत मिलने से बाजार की तेजी पर दबाव बना।
Sensex और Nifty की चाल में दिखा उतार-चढ़ाव
शुरुआती कारोबार में दोनों प्रमुख इंडेक्स बढ़त के साथ खुले। हालांकि कुछ देर बाद खरीदारी की रफ्तार धीमी पड़ गई। Sensex 77,643.80 अंक पर 10.80 अंक यानी 0.01 फीसदी की मामूली गिरावट में कारोबार करता दिखा। Nifty 24,260.15 अंक पर 9.96 अंक यानी 0.04 फीसदी की बढ़त में रहा।
IT Stocks में मजबूत खरीदारी सहारा बनी
गुरुवार को IT Sector बाजार की मजबूती का प्रमुख सहारा बना। IT Stocks में अच्छी खरीदारी देखने को मिली, जिससे बाजार को संभलने में मदद मिली। दूसरी तरफ Realty Sector में दबाव रहा। रियल एस्टेट से जुड़े शेयरों में गिरावट ने बाजार की तेजी को सीमित किया।
रुपये में सुधार से राहत
भारतीय रुपये में कमजोर स्तरों से सुधार आने का भी बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा। रुपये की चाल में सुधार से निवेशकों की धारणा बेहतर हुई। इसके साथ Foreign Institutional Investors यानी FII की Short Covering ने भी बाजार में खरीदारी को बढ़ावा दिया। Short Covering के चलते उन शेयरों में खरीदारी बढ़ी जिनमें पहले गिरावट की उम्मीद में दांव लगाए गए थे।
निफ्टी को 24,500 से 24,600 तक जाने पर नजर
Market Analysts की नजर अब Nifty के अगले Resistance Zone पर है। जानकारों के मुताबिक 24,500 से 24,600 अंक के बीच इंडेक्स को मजबूत रुकावट मिल सकती है। यह स्तर जुलाई के मौजूदा High के साथ अप्रैल 2026 के शिखर के आसपास है। ऐसे में इस दायरे को पार करना Nifty की अगली दिशा के लिए अहम माना जा रहा है।
Global Market में भी मिला-जुला रुख
Fed के फैसले के बाद गुरुवार को एशियाई बाजारों में भी कारोबार एक जैसा नहीं रहा। टोक्यो समय के मुताबिक सुबह 11:42 बजे S&P 500 Futures में 0.4 फीसदी की तेजी थी। जापान का Topix 0.3 फीसदी गिरकर बंद हुआ। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी 0.5 फीसदी नीचे रहा। हांगकांग का Hang Seng Index लगभग स्थिर रहा। चीन का Shanghai Composite करीब 0.5 फीसदी की गिरावट में कारोबार करता दिखा। दूसरी तरफ यूरोप में Euro Stoxx 50 Futures में 0.2 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई। ग्लोबल मार्केट के इन मिले-जुले संकेतों का असर भारतीय बाजार की चाल पर भी रहा।
आगे बाजार की दिशा
निवेशकों की नजर अब Nifty के 24,500 से 24,600 अंक के Resistance Zone पर है। इस दायरे में मौजूदा महीने का High और अप्रैल 2026 का शिखर दोनों शामिल हैं। बाजार की आगे की चाल में इस स्तर की अहम भूमिका रह सकती है।






