
वाराणसी/लखनऊ, 30 जुलाई 2026:
संत रविदास की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक ऐलान करते हुए कहा कि भदोही जनपद का नाम फिर से ‘संत रविदास नगर’ किया जाएगा। वाराणसी के सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास की जन्मस्थली पर भाजपा के राष्ट्रव्यापी ‘समरसता संकल्प अभियान’ के शुभारंभ के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने भदोही का नाम बदलकर संत रविदास के सम्मान को ठेस पहुंचाने का काम किया था जिसे अब भाजपा सरकार फिर से बहाल करेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत रविदास ने संत रामानंद के विचारों को समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाया और उनकी सेवा को अपना जीवन उद्देश्य बनाया। उसी भावना के साथ भाजपा सरकार भी समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास और कल्याण की योजनाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब समाज का हर वर्ग समान अवसर और सम्मान प्राप्त करेगा।
मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर महापुरुषों की पहचान कमजोर करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि कन्नौज के बाबा साहब अंबेडकर मेडिकल कॉलेज और औरैया के माता अहिल्याबाई मेडिकल कॉलेज के नाम बदले गए थे जिन्हें भाजपा सरकार ने फिर सम्मानपूर्वक बहाल किया। उन्होंने यह भी कहा कि जालंधर एयरपोर्ट का नाम संत वाल्मीकि के नाम पर रखा गया लेकिन समाज को बांटने वाली राजनीति करने वाले लोग ऐसे निर्णयों को स्वीकार नहीं कर पाते क्योंकि उनके आदर्श बाबर और औरंगजेब हैं।
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री योगी ने सीर गोवर्धनपुर स्थित संत रविदास की जन्मस्थली पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और श्रद्धापूर्वक नमन किया। रविदास स्मारक में स्थापित विशाल कांस्य प्रतिमा पर भी उन्होंने श्रद्धासुमन अर्पित किए। जनसभा के बाद रविदास पार्क और रविदास घाट पर आयोजित भव्य दीपोत्सव में मुख्यमंत्री सहित जनप्रतिनिधियों और हजारों श्रद्धालुओं ने 11 हजार से अधिक दीप प्रज्ज्वलित कर सामाजिक समरसता और सद्भाव का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री की घोषणा का संत रविदास के अनुयायियों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। धर्मपाल सिंह, अविनाश चंद्र, वरिंदर बब्लू, देशराज और कृष्ण लाल सहित अनेक लोगों ने इसे संत रविदास के प्रति सच्चा सम्मान बताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया।
1997 में भदोही का नाम किया गया था संत रविदास नगर
भदोही जिले के नाम का इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है। 30 जून 1994 को मुलायम सिंह यादव सरकार ने इसे वाराणसी से अलग कर नया जिला बनाया। 1997 में भाजपा-बसपा गठबंधन सरकार ने इसका नाम संत रविदास नगर कर दिया। 1999 में यह नाम बरकरार रखा गया। वर्ष 2012 में अखिलेश यादव सरकार ने इसे रविदास नगर भदोही किया और 2014 में नाम बदलकर फिर भदोही कर दिया गया। अब योगी सरकार के ताजा ऐलान के साथ 32 वर्षों में जिले का नाम पांचवीं बार बदलने जा रहा है।






