राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 1 अगस्त 2026ः
उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावा चोरी मामले में गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। चार दिन की पुलिस रिमांड के दौरान मुख्य आरोपी और बदरी-केदार मंदिर समिति के निलंबित कर्मचारी प्रमोद नौटियाल से पूछताछ में महत्वपूर्ण खुलासे हुए हैं। एसआईटी के अनुसार आरोपी ने इस मामले में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। साथ ही पुलिस ने नकदी, चांदी की मूर्तियां और नेपाली करेंसी बरामद की है।
रिमांड के दौरान एसआईटी की टीम आरोपी को साथ लेकर देहरादून स्थित उसके आवास, बदरी-केदार मंदिर समिति के कार्यालय और बदरीनाथ धाम स्थित उसके कमरे पर पहुंची। तलाशी अभियान में पुलिस ने नकदी, चांदी की मूर्तियां, चांदी के सिक्के, नेपाली करेंसी की गड्डियां और संपत्तियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। जांच एजेंसियां अब इन दस्तावेजों की गहन पड़ताल कर रही हैं।
जांच अधिकारियों के अनुसार प्रमोद नौटियाल मंदिर परिसर में वीआईपी प्रोटोकॉल और श्रद्धालुओं के चढ़ावे की गिनती से जुड़ी जिम्मेदारी निभाता था। विभागीय जांच और सीसीटीवी फुटेज में उस पर कई अवसरों पर नकदी और बहुमूल्य सामग्री को अनियमित तरीके से हटाने के आरोप सामने आए थे। शिकायत मिलने के बाद बदरी-केदार मंदिर समिति ने उसे तत्काल निलंबित कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने उसे देहरादून से गिरफ्तार किया।
एसपी चमोली सुरजीत सिंह ने बताया कि आरोपी के पास से बरामद संपत्ति संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि कहीं ये संपत्तियां मंदिर के चढ़ावे से कथित रूप से हड़पी गई रकम से तो नहीं खरीदी गईं। साथ ही एसआईटी यह भी जांच कर रही है कि इस मामले में मंदिर प्रशासन के अन्य कर्मचारी या बाहरी व्यक्ति भी शामिल थे या नहीं।
आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले की जांच एसआईटी के साथ-साथ शासन स्तर पर गठित उच्चस्तरीय समिति भी कर रही है। करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं से जुड़े इस मामले में पुलिस ठोस साक्ष्य जुटाने में जुटी है। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।






