योगेंद्र मलिक
देहरादून, 1 अगस्त 2026ः
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) से शनिवार को लोक भवन में स्वस्तिवाचनम् संस्था के प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान संस्कृत, योग एवं आयुर्वेद के संरक्षण, संवर्धन और व्यापक प्रचार-प्रसार पर चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने संस्कृत विद्वान आचार्य दिनेश चंद्र जोशी को समर्पित एक स्मारक डाक टिकट राज्यपाल को भेंट की। प्रतिनिधिमंडल में ट्रस्टी हरीश चन्द्र जोशी, संस्था के सदस्य डॉ. सुनील जोशी और डॉ. जीवन जोशी शामिल रहे।

राज्यपाल गुरमीत सिंह ने कहा कि संस्कृत भारत की अमूल्य धरोहर और ज्ञान का शाश्वत स्रोत है। यह भाषा हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के साथ-साथ भारतीय ज्ञान परंपरा के मूल स्वरूप से भी परिचित कराती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को संस्कृत के संरक्षण और संवर्धन में अग्रणी भूमिका निभानी चाहिए, ताकि इस समृद्ध भाषा और इसके ज्ञान को न केवल देश, बल्कि विश्व स्तर तक पहुंचाया जा सके।
राज्यपाल ने कहा कि वर्तमान समय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और आधुनिक तकनीक के माध्यम से संस्कृत के प्रचार-प्रसार की व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं। यदि इन तकनीकों का प्रभावी उपयोग किया जाए तो संस्कृत साहित्य, भारतीय ज्ञान परंपरा और उससे जुड़े विषयों को वैश्विक स्तर पर अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने इस दिशा में शैक्षणिक संस्थानों, शोधकर्ताओं और सामाजिक संगठनों के समन्वित प्रयासों पर भी बल देते हुए संस्कृत, योग और आयुर्वेद के संरक्षण व प्रसार के लिए सभी के सहयोग की आवश्यकता बताई।






