
राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 6 सितंबर 2026ः
उत्तराखंड में बिना मान्यता और निर्धारित शैक्षणिक मानकों के संचालित मदरसों के खिलाफ धामी सरकार की कार्रवाई जारी है। इसी कड़ी में देहरादून में एक और हल्द्वानी में दो मदरसों को सील किया गया। प्रदेश में अभी तक 20 बिना मान्यता संचालित मदरसों का संचालन बंद कराया जा चुका है। अल्पसंख्यक मामलों के सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान का संचालन निर्धारित नियमों और मान्यता के बिना नहीं होने दिया जाएगा। बच्चों के भविष्य और शिक्षा की क्वालिटी से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं होगा।
निरीक्षण में दो संचालकों से लिया गया शपथ पत्र
अल्पसंख्यक मामलों के सचिव ने बताया कि देहरादून में तीन मदरसों के खिलाफ कार्रवाई की गई। जिला प्रशासन की टीम ने देहरादून स्थित आजाद कॉलोनी और मेहूंवाला माफी क्षेत्र में मदरसों का निरीक्षण किया। आजाद कॉलोनी स्थित मदरसा जामिया-तुस-सलाम अल-इस्लामिया बिना पंजीकरण संचालित मिला। यहां करीब 125 बच्चे अध्ययनरत थे। पंजीकरण संबंधी कागजात नहीं दिखा पाने पर प्रशासन ने मदरसे को तत्काल सील कर दिया। इसी क्षेत्र के मदरसा दार-ए-अरकम और मेहूंवाला माफी स्थित मदरसा दारुल उलूम रहीमिया में निरीक्षण के दौरान दोनों के संचालकों से शपथ पत्र लिया गया कि विधिवत पंजीकरण के बिना मदरसों का संचालन नहीं किया जाएगा।

तीन मदरसों के प्रबंधकों ने स्वयं बंद किया संचालन
उधर, हल्द्वानी में शनि बाजार रोड, गौजाजाली उत्तर स्थित मदरसा जामिया नूरिया बरकाते आमिना और इंदिरा नगर, बनभूलपुरा स्थित एक अन्य बिना मान्यता संचालित मदरसे को भी सील किया गया। नगर मजिस्ट्रेट एबी वाजपेयी ने बताया कि संबंधित प्रबंधकों से मान्यता से जुड़े आवश्यक दस्तावेज मांगे गए थे, लेकिन कागजात नहीं दिखा पाने पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। सचिव डॉ. पराग मधुकर धकाते ने बताया कि अब तक प्रदेश में 17 मदरसों को सील किया जा चुका है, जबकि तीन के प्रबंधकों ने स्वयं संचालन बंद करने की लिखित सूचना दी है। इस तरह कुल 20 बिना मान्यता संचालित मदरसों का संचालन बंद कराया जा चुका है। उन्होंने कहा है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।






