
देहरादून, 2 अगस्त 2026:
उत्तराखंड सरकार का ‘जन जन की सरकार-जन जन के द्वार’ अभियान दूसरे चरण में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रदेशभर में लगाए गए विशेष शिविरों के जरिए अब तक 1 लाख 34 हजार 740 से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं। पहले चरण की भागीदारी जोड़ दी जाए तो इस अभियान से अब तक साढ़े 6 लाख से ज्यादा लोग सीधे तौर पर लाभान्वित हो चुके हैं।
198 शिविरों में पहुंचे हजारों लोग
चार जुलाई से शुरू हुए अभियान के तहत अब तक 198 शिविर लगाए जा चुके हैं। बारिश के मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों ने इन शिविरों में पहुंचकर अपनी समस्याएं रखीं। इस दौरान 23 हजार 219 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 20 हजार 808 का मौके पर ही समाधान कर दिया गया। इसके अलावा 81 हजार 753 लोगों को अलग-अलग सरकारी योजनाओं का लाभ भी दिया गया।
शिविरों में मिल रही कई जरूरी सेवाएं
अभियान के तहत जिला, ब्लॉक और तहसील स्तर पर विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। यहां समाज कल्याण पेंशन, आयुष्मान कार्ड, चिकित्सा उपकरण, कृषि उपकरण समेत कई सुविधाएं एक ही जगह उपलब्ध कराई जा रही हैं। पात्र लोगों के प्रमाणपत्र भी शिविरों में ही बनाए जा रहे हैं, जिससे उन्हें सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ रहे।
पहले चरण में भी मिला था बड़ा रिस्पॉन्स
प्रदेश सरकार ने दिसंबर में 45 दिन का पहला चरण चलाया था। उस दौरान 681 शिविर लगाए गए, जिनमें 5 लाख 33 हजार 452 लोगों ने भाग लिया। अभियान के दौरान करीब 33 हजार शिकायतों का समाधान किया गया था। इस पहल को बेहतर गवर्नेंस की एक सफल पहल के तौर पर भी सराहा गया।
धामी ने बताई अभियान की प्राथमिकता
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस अभियान का मकसद लोगों की शिकायतों का समाधान उनके घर के करीब ही करना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन खुद लोगों के बीच पहुंच रहा है और पात्र लाभार्थियों को एक ही स्थान पर सरकारी योजनाओं का फायदा दिया जा रहा है। सरकार सरलीकरण, समाधान और जनसंतुष्टि के लक्ष्य के साथ लगातार काम कर रही है।






