
लखनऊ, 3 अगस्त 2026:
यूपी विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले सोमवार सुबह विधानभवन परिसर के बाहर राजनीतिक माहौल गर्म हो गया। समाजवादी पार्टी के विधायक राम मंदिर चढ़ावा चोरी, नीट पेपर लीक और शिक्षक भर्ती जैसे मुद्दों को लेकर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे। सपाई प्रतीकात्मक विरोध जताते हुए दानपेटी में चिल्लर भरकर लाए और हाथों में पोस्टर लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। पोस्टरों पर लिखा था, नीट है या चीट है, राम के नाम पर लूट है।

सपा विधायक चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के नीचे एकत्र हुए और काफी देर तक प्रदर्शन करते रहे। उनका आरोप था कि सरकार महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब देने से बच रही है। विरोध के दौरान राम मंदिर चंदा और भर्ती प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर सरकार पर निशाना साधा गया।
वहीं, मानसून सत्र शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि यह सत्र प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि विधायिका गरीब, किसान, युवा और महिलाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा और समाधान का सबसे प्रभावी मंच है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सरकार छह करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकालकर मध्यम वर्ग में लाने में सफल रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि सावन का महीना किसानों, नए शैक्षणिक सत्र में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों और कांवड़ यात्रा की दृष्टि से विशेष महत्व रखता है। उधर, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने विपक्ष पर हमला बोलते हुए कहा कि उसके पास न कोई मुद्दा है और न ही कोई एजेंडा, इसलिए वह केवल समय बर्बाद कर रहा है।

कैबिनेट मंत्री एवं सुभासपा मुखिया ओपी राजभर ने भी सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा, कांग्रेस और पप्पू एंड कंपनी सिर्फ ड्रामा करती है। जनता इनके बहकावे में आने वाली नहीं है।






