
लखनऊ, 3 अगस्त 2026:
यूपी में विधानसभा चुनाव नजदीक आने के साथ सियासी बयानबाजी तेज होती जा रही है। प्रदेश के कैबिनेट मंत्री एवं सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर एक बार फिर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबी पोस्ट साझा करते हुए संसद में कथित ‘पप्पू यादव कांड’ को लेकर सपा का आधिकारिक रुख सार्वजनिक करने की चुनौती दी।
राजभर ने अपनी पोस्ट की शुरुआत ‘अखिलेश जी, आज सीधा सवाल’ से करते हुए पूछा कि संसद में हुए घटनाक्रम पर समाजवादी पार्टी का स्टैंड आखिर क्या है। उन्होंने दावा किया कि सपा के अलग-अलग नेताओं के बयान एक-दूसरे से मेल नहीं खाते। उन्होंने सपा सांसद राजीव राय, विधायक पवन पांडेय और सांसद अवधेश प्रसाद के बयानों का हवाला देते हुए कहा कि पार्टी के भीतर इस मुद्दे पर स्पष्टता नहीं है।
सुभासपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव बिहार से आने वाले राजनीतिक दबाव के चलते पप्पू यादव का बचाव कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सपा की वास्तविक लाइन क्या है- राजीव राय की, पवन पांडेय की, अवधेश प्रसाद की या फिर स्वयं अखिलेश यादव की।
राजभर ने अपनी पोस्ट में सपा पर तुष्टीकरण की राजनीति करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं के मुद्दे पर सपा का रवैया जनता देख रही है। इसके साथ ही उन्होंने हनुमान जी से जुड़े पुराने विवाद का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव पर कटाक्ष किया।

पोस्ट के अंत में राजभर ने कांग्रेस का जिक्र करते हुए तंज कसा कि कांग्रेस से कुछ भी सीख नहीं पाए हैं। कम से कम कव्वाली तो सीख लीजिए, 2027 के बाद वही काम आने वाली है। राजभर की इस टिप्पणी को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सपा पर बढ़ते राजनीतिक हमलों की कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।






