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UP Supplementary Budget 2026: राजस्व विभाग को 1,014 करोड़, संभल-वाराणसी में बनेंगे नए इंटीग्रेटेड कलेक्ट्रेट

एसडीएमएफ के लिए 739 करोड़ रुपये का प्रावधान, मंडल-जनपद-तहसील स्तर पर आवासीय भवनों के निर्माण व मजबूती के लिए 85 करोड़ की व्यवस्था

लखनऊ, 4 अगस्त 2026:

यूपी विधानसभा के मानसून सत्र में मंगलवार को योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का अनुपूरक बजट पेश करते हुए राजस्व विभाग और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में बड़े कदम उठाए हैं। सरकार ने राजस्व विभाग के लिए 1,014.11 करोड़ रुपये के प्रावधान का प्रस्ताव रखा है। बजट का उद्देश्य आपदा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाना, जिलों में प्रशासनिक ढांचे का आधुनिकीकरण करना और अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य एवं आवासीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

अनुपूरक बजट में सबसे बड़ा प्रावधान राज्य आपदा मोचक निधि (एसडीएमएफ) के लिए किया गया है। सरकार ने इसके लिए 739 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की है। इस राशि से प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक तेज और प्रभावी तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। इससे राज्य की आपदा प्रबंधन क्षमता को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

प्रशासनिक ढांचे के विस्तार के तहत संभल जनपद के मुख्यालय बहजोई में नवीन इंटीग्रेटेड कलेक्ट्रेट-कम-अनावासी भवन के निर्माण के लिए भी बजट में धनराशि का प्रावधान किया गया है। वहीं, वाराणसी में नवीन इंटीग्रेटेड कलेक्ट्रेट के अनावासी भवन के निर्माण के लिए 140.65 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। इन आधुनिक भवनों के निर्माण से विभिन्न सरकारी विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा और नागरिकों को एक ही परिसर में कई प्रशासनिक सेवाएं मिलने का रास्ता आसान होगा।

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सरकार ने केवल कार्यालय भवनों तक ही योजना सीमित नहीं रखी है। बजट में संभल के बहजोई में इंटीग्रेटेड आवासों के निर्माण के साथ-साथ प्रदेश के मंडल, जनपद और तहसील स्तर पर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के आवासीय भवनों के नवनिर्माण, विस्तार, पुनर्निर्माण और सुदृढ़ीकरण पर भी विशेष जोर दिया गया है। इसके लिए 85 करोड़ रुपये की एकमुश्त बजट व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। आवश्यकता पड़ने पर इस राशि का उपयोग भूमि खरीद सहित अन्य जरूरी कार्यों में भी किया जाएगा।

सरकार का मानना है कि इन प्रावधानों से राजस्व प्रशासन का बुनियादी ढांचा पहले से अधिक सशक्त होगा। आधुनिक कलेक्ट्रेट भवनों से अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्यस्थल मिलेगा। आम लोगों को सरकारी सेवाएं अधिक सुव्यवस्थित और सुविधाजनक तरीके से उपलब्ध होंगी। वहीं, आवासीय भवनों के निर्माण और सुदृढ़ीकरण से कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी तथा भूमि खरीद के लिए उपलब्ध कराई गई राशि भविष्य की प्रशासनिक परियोजनाओं को गति देने में सहायक होगी।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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