
लखनऊ, 5 अगस्त 2026:
यूपी सरकार ने वर्ष 2026-27 के अनुपूरक बजट में ग्रामीण विकास को प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल करते हुए ग्राम्य विकास विभाग के लिए 17,942.73 करोड़ रुपये का बड़ा प्रावधान किया है। सरकार का उद्देश्य गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार, रोजगार के अवसरों में वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देना है। इस बजटीय प्रावधान से आवास, सड़क, आजीविका और अधोसंरचना से जुड़ी योजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है।

अनुपूरक बजट में ग्रामीण आजीविका और रोजगार सृजन पर विशेष जोर दिया गया है। वीबी-जी राम-जी योजना के तहत सामग्री मद में 13,768.68 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे गांवों में विकास कार्यों और रोजगार गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। सरकार का मानना है कि इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
ग्रामीण परिवारों को पक्के आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 745.53 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। वहीं, गांवों की सड़क संपर्क व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत सड़कों के अनुरक्षण के लिए 80 करोड़ रुपये तथा नई सड़कों के निर्माण और अन्य कार्यों के लिए 591.67 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।
सरकार का मानना है कि इन प्रावधानों से ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का तेजी से विस्तार होगा। विकास परियोजनाओं को नई रफ्तार मिलेगी और गांवों की आर्थिक गतिविधियां मजबूत होंगी। बेहतर सड़क संपर्क, पक्के आवास और रोजगार के अवसर बढ़ने से ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार आने की उम्मीद है।






