लखनऊ, 28 जुलाई 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के हजरतगंज इलाके में स्थित न्यू विधायक निवास में मंगलवार को एक दर्दनाक और रहस्यमय घटना में प्रदेश के पूर्व राज्य मंत्री एवं भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश मंत्री नानकदीन भुर्जी की सातवीं मंजिल से गिरकर मौत हो गई। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की।
पुलिस के अनुसार फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि नानकदीन भुर्जी सातवीं मंजिल से दुर्घटनावश गिरे या उन्होंने छलांग लगाई। मामले की सच्चाई जानने के लिए घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी व परिस्थितिजन्य पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना के कारणों पर कोई निष्कर्ष निकाला जाएगा।
बताया गया कि दोपहर बाद एक प्रत्यक्षदर्शी ने घटना की सूचना दी। इसके बाद उनके पुत्र उत्तम और पुरुषोत्तम उन्हें तत्काल सिविल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में समर्थक और भाजपा कार्यकर्ता अस्पताल पहुंच गए।

भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने बताया कि वह प्रदेश कार्यालय में मौजूद थे तभी सूचना मिली कि नानकदीन भुर्जी न्यू विधायक निवास की सातवीं मंजिल से गिर गए हैं। वह तुरंत मौके के लिए रवाना हुए लेकिन रास्ते में ही पता चला कि उन्हें अस्पताल ले जाया गया है। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उनके निधन की पुष्टि की। उनके मुताबिक इसकी जानकारी फिलहाल किसी के पास नहीं कि किन परिस्थितियों में यह हादसा हुआ।
नानकदीन भुर्जी लंबे समय से पिछड़ा वर्ग की राजनीति में सक्रिय रहे। उन्होंने ‘हिंदुस्तान पिछड़ा मोर्चा’ की स्थापना की थी और उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष भी थे। लखनऊ विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त नानकदीन ने वर्ष 2004 में लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के सदस्य के रूप में जिम्मेदारी निभाई। बसपा सरकार में उन्हें राज्य मंत्री (दर्जा प्राप्त) बनाया गया तथा पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग का सलाहकार भी नियुक्त किया गया। उनके निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में शोक की लहर है।






