Uttarakhand

उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय के संचालन का रास्ता साफ, कुलपति सहित 94 पदों को मिली मंजूरी 

राज्यपाल की स्वीकृति के बाद शासन ने जारी किया शासनादेश, शैक्षणिक, शिक्षणेत्तर, कोचिंग और प्रशासनिक पदों पर होगी नियुक्ति, प्रतिभावान खिलाड़ियों को मिलेगा बेहतर प्रशिक्षण, खेल मंत्री रेखा आर्या का सपना हुआ पूरा

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 28 अगस्त 2026 :

उत्तराखंड में हल्द्वानी के गौलापार में प्रदेश के पहले खेल विश्वविद्यालय के संचालन की बाधा दूर हो गई है। विश्वविद्यालय के शुरू होने से प्रतिभावान खिलाड़ी बेहतर प्रशिक्षण प्राप्त कर राष्ट्रीय व इंटरनेशनल लेवल पर उत्तराखंड का नाम रोशन करेंगे। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद शासन ने विश्वविद्यालय के लिए 94 शैक्षणिक, शिक्षणेत्तर, कोचिंग और प्रशासनिक पदों के सृजन को मंजूरी दे दी है और शासनादेश भी जारी कर दिया है। खेल मंत्री रेखा आर्या ने इसे प्रदेश के खेल क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया।

सबसे अधिक 39 पद स्पोर्ट्स कोचिंग विंग के रहेंगे

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विश्वविद्यालय में सबसे अधिक 39 पद स्पोर्ट्स कोचिंग विंग के लिए सृजित किए गए हैं। इनमें प्रधान कोच, प्रशिक्षक और सहायक प्रशिक्षक के 13-13 पद शामिल हैं। इसके अलावा अकादमिक एवं संकाय के लिए 14 पद स्वीकृत किए गए हैं। इनमें खेल प्रबंधन और खेल विज्ञान से जुड़े प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के पद शामिल हैं। खिलाड़ियों की फिटनेस, स्वास्थ्य और रिकवरी पर भी विश्वविद्यालय में विशेष जोर रहेगा। इसके लिए खेल चिकित्सक, फिजियोथेरेपिस्ट, खेल मनोवैज्ञानिक, नर्स और वार्ड सहायक समेत 12 पद स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, विश्वविद्यालय के प्रशासनिक एवं वित्तीय संचालन के लिए कुलपति, कुलसचिव, उप कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक और वित्त अधिकारी समेत विभिन्न पदों का प्रावधान किया गया है।

प्रदेश के खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि 

गैर-शिक्षण एवं सपोर्ट स्टाफ के पद भी सृजित किए गए हैं। खेल मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि 2036 ओलंपिक की मेजबानी के संकल्प के साथ निकाली गई ओलंपिक कांवड़ यात्रा के दौरान उन्होंने खेल विश्वविद्यालय को लेकर जो संकल्प लिया था, वह अब धरातल पर उतर रहा है। विश्वविद्यालय के संचालन की बाधा दूर होना प्रदेश के खेल जगत के लिए बड़ी उपलब्धि है। यहां खेल विज्ञान, खेल प्रबंधन और आधुनिक कोचिंग की सुविधाएं मिलने से उत्तराखंड के प्रतिभावान खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे।

मैदानों के रखरखाव व अन्य सेवाओं के लिए भी की जाएगी भर्ती 

विश्वविद्यालय में मैदानों के रखरखाव और अन्य सेवाओं के लिए आउटसोर्स व्यवस्था के तहत 20 मैदान कर्मी, 10 एमईपी स्टाफ, 15 बहुकार्यकारी कर्मचारी और दो पोषण विशेषज्ञ भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे विश्वविद्यालय में प्रशिक्षण के साथ खिलाड़ियों की फिटनेस, पोषण और खेल सुविधाओं के प्रबंधन को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है। खेल विश्वविद्यालय के लिए पदों का सृजन होने के बाद अब इसके शैक्षणिक, प्रशिक्षण और प्रशासनिक ढांचे को आकार देने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद है।

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Anurag Chaturvedi

अनुराग चतुर्वेदी पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता, लेखन और संपादन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए खबरों को निष्पक्षता और गहराई के साथ जनता के सामने रखा है।

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