
लखनऊ/फिरोजाबाद, 29 अगस्त 2026:
कांच की चूड़ियों के लिए मशहूर फिरोजाबाद अब ब्रज की कृष्ण भक्ति और धार्मिक विरासत के नए पर्यटन केंद्र के रूप में भी अपनी पहचान बनाने की राह पर है। कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर जिले के ग्रामीण अंचलों में स्थित भगवान श्रीकृष्ण और राधा-कृष्ण से जुड़े पांच प्रमुख धार्मिक स्थलों को पर्यटन की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में बड़ा काम चल रहा है। पर्यटन विभाग इन मंदिरों के विकास और सौंदर्यीकरण पर करीब 7.26 करोड़ रुपये खर्च कर रहा है। परियोजनाओं के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं और पर्यटकों को धार्मिक स्थलों पर बेहतर सुविधाएं मिलेंगी, वहीं ये मंदिर आकर्षक धार्मिक पर्यटन गंतव्यों के रूप में उभर सकेंगे।
नगला पीरिया से रामनगर तक धार्मिक स्थलों का कायाकल्प
पर्यटन विकास की इस कड़ी में ग्राम नगला पीरिया स्थित रामकृष्ण धाम मंदिर (गंगा सागर गरियारी) के लिए करीब 1.10 करोड़ रुपये की परियोजना पर काम कराया जा रहा है। नारखी ब्लॉक के बड़ा गांव स्थित श्री राधा कृष्ण मंदिर के पर्यटन विकास पर करीब 1.49 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में असवाई स्थित ऐतिहासिक श्री राधाकृष्ण मंदिर के पर्यटन विकास के लिए करीब 1.35 करोड़ रुपये, गौंछ स्थित श्री राधाकृष्ण मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास के लिए करीब 1.36 करोड़ रुपये और रामनगर स्थित ठाकुर जी महाराज मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं पर्यटन विकास के लिए करीब 1.96 करोड़ रुपये की परियोजना चल रही है। पांचों धार्मिक स्थलों पर कुल 7.26 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं।

ब्रज की अनदेखी धार्मिक विरासत को पर्यटन के नक्शे पर लाने की तैयारी
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के साथ उसे पर्यटन से जोड़ने पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि ब्रज की पहचान भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति और समृद्ध परंपराओं से है, लेकिन यह विरासत केवल प्रमुख तीर्थस्थलों तक सीमित नहीं है। फिरोजाबाद के इन धार्मिक स्थलों का विकास इसी व्यापक कृष्ण परंपरा को सामने लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
मंदिरों के विकास से स्थानीय कारोबार को भी मिलेगी रफ्तार
परियोजनाओं का असर केवल मंदिर परिसरों तक सीमित रहने की उम्मीद नहीं है। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से आसपास के दुकानदारों, परिवहन, खान-पान, हस्तशिल्प और अन्य सेवा क्षेत्रों को सीधा लाभ मिल सकता है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलने के साथ रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी पैदा होंगे।
सरकार का लक्ष्य इन धार्मिक स्थलों को विकसित कर फिरोजाबाद को ब्रज की कृष्ण भक्ति से जुड़े व्यापक पर्यटन मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करना है। जन्माष्टमी के मौके पर शुरू हुई यह पहल धार्मिक आस्था के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देने वाली साबित हो सकती है।






