
कौशाम्बी, 31 अगस्त 2026:
यूपी के कौशाम्बी जिले में प्रयागराज सीमा से सटे मनौरी बाजार में सोमवार दोपहर करीब 12 बजे पटाखा फैक्टरी में आग लगने के बाद लगातार विस्फोट होने लगे। धमाकों की आवाज करीब दो से तीन किलोमीटर दूर तक सुनी गई। कुछ ही देर में फैक्टरी के आसपास धुएं का घना गुबार छा गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे में पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि दर्जनभर से ज्यादा लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं।
तेज धमाकों की वजह से 15 से ज्यादा मकान ढहे
विस्फोट की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि फैक्टरी के आसपास बने 15 से ज्यादा मकान ढह गए। कई मकानों के शीशे टूट गए। धमाके के बाद मलबा करीब 250 मीटर दूर रेलवे पुल तक पहुंचने की बात सामने आई है। मलबे में कई लोगों के दबे होने की आशंका है, इसलिए मौत का आंकड़ा बढ़ सकता है।
मकान में चल रही थी पटाखा फैक्टरी, ऊपर से गुजरे थे बिजली के तार
बताया जा रहा है कि पूरामुफ्ती थाना क्षेत्र के मनौरी में बस्ती से कुछ दूरी पर एक मकान में पटाखा बनाने का काम होता था। यह फैक्टरी मनौरी गांव निवासी आदिल की बताई जा रही है। मकान के ऊपर से बिजली के तार भी गुजर रहे हैं। सोमवार दोपहर अचानक मकान से धुआं उठता दिखाई दिया। धुआं देखकर गांव के लोग मौके की तरफ दौड़े, तभी एक के बाद एक पटाखे फटने लगे। धमाकों का सिलसिला काफी देर तक चलता रहा, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। जिस मकान में पटाखों में आग लगी, उसके पास स्थित बूंदी कारखाने में पांच लोग काम कर रहे थे, जबकि आटा चक्की में छह लोग मौजूद थे। धमाकों की चपेट में आसपास के लोग भी आए।

धमाकों की दहशत से रुका रहा बचाव कार्य, JCB से मलबा हटाकर की गई घायलों की तलाश
लगातार धमाकों के चलते आसपास के लोग काफी देर तक घटनास्थल के करीब नहीं जा सके। हादसे की सूचना मिलते ही कौशाम्बी के साथ प्रयागराज जिले के पुलिस-प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। दो थानों की फोर्स के साथ बचाव दल को लगाया गया। JCB की मदद से मलबा हटाकर लोगों की तलाश की जा रही है। कई एंबुलेंस मौके पर भेजी गईं। घायलों को पहले अस्पताल पहुंचाया गया, गंभीर घायलों को प्रयागराज के SRN अस्पताल भेजा गया है।

Air Force की टीम भी रेस्क्यू में उतरी
विस्फोट के बाद राहत-बचाव के लिए पुलिस बल के साथ Air Force के जवानों को भी लगाया गया है। टीम मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही है। मौके पर प्रयागराज के ADG, IG, DIG, अपर पुलिस आयुक्त समेत कौशाम्बी के DM और SP मौजूद हैं। अधिकारी रेस्क्यू ऑपरेशन की निगरानी कर रहे हैं।

चारपाई से ले जाए गए घायल, एम्बुलेंस का होता रहा इंतजार
कौशाम्बी के DM डॉ. अमित पाल ने अस्पताल पहुंचकर घायलों के इलाज की व्यवस्था देखी। डॉक्टरों को अलर्ट पर रखा गया है। हादसे में झुलसे कई लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। घायलों के परिजनों ने आरोप लगाया कि हादसे के बाद एंबुलेंस के लिए करीब एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। एंबुलेंस नहीं पहुंचने पर कुछ घायलों को छोटा हाथी में चारपाई पर लिटाकर SRN अस्पताल ले जाया गया। परिजनों के मुताबिक घटनास्थल पर मौजूद पुलिसकर्मियों से एंबुलेंस के बारे में पूछा गया तो उन्हें भी इंतजार करने को कहा गया।

आग की वजह अभी साफ नहीं
पटाखा फैक्टरी में आग किस वजह से लगी, इसकी वजह अभी सामने नहीं आई है। पुलिस-प्रशासन की टीमें घटनास्थल से जानकारी जुटा रही हैं। फिलहाल सबसे ज्यादा जोर मलबे में फंसे लोगों को बाहर निकालने पर है। हालांकि आशंका व्यक्त की जा रही है कि ऊपर से गुजरे बिजली के तारों की वजह से आग लगी और धमाके होने लगे।

सिर्फ बेटी निकल पाई, मां व भाई का पता नहीं चला
हादसे का सबसे दर्दनाक पहलू ये रहा कि धमाकों की तेजी से जो मकान धराशाई हुए। उसमें बेकसूर लोग शिकार हो गए। हादसे का शिकार हुए एक घर से किसी तरह बाहर निकली एक बच्ची का चेहरा राख से सना हुआ था। उसने बताया कि घर से सिर्फ वही बाहर निकल पाई। अंदर छोटा भाई व मम्मी नहीं निकल सकी।






