Uttarakhand

पहाड़ की खेती से डिजिटल हेल्थ तक, नीति आयोग के साथ उत्तराखंड में विकास का नया प्लान तैयार

बागवानी, एरोमा, मत्स्य पालन व मधुमक्खी पालन को रोजगार से जोड़ने पर जोर, हाई डेंसिटी सेब, कीवी व ड्रैगन फ्रूट की खेती बढ़ाने की तैयारी, स्थानीय युवाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म से स्किल ट्रेनिंग देने पर भी मंथन

राजकिशोर तिवारी

देहरादून, 1 सितंबर 2026:

उत्तराखंड में स्थानीय संसाधनों को रोजगार व कमाई के साधन बनाने को लेकर मंगलवार को शासन व नीति आयोग के बीच अहम बैठक हुई। सचिवालय में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई बैठक में नीति आयोग के वरिष्ठ सदस्य प्रो. एम. श्रीनिवास व प्रो. केवी राजू ने राज्य की विकास जरूरतों, रोजगार, इनोवेशन व पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

बागवानी को नई दिशा देने की तैयारी

बैठक में बागवानी, फूलों की खेती, मत्स्य पालन, मधुमक्खी पालन व एरोमा सेक्टर को उत्तराखंड की इकोनॉमी का मजबूत आधार बनाने पर जोर दिया गया। आधुनिक तकनीक, बाजार से बेहतर कनेक्शन व वैल्यू एडिशन के जरिए इन सेक्टरों को मजबूत करने की योजना पर चर्चा हुई।

सेब के साथ कीवी और ड्रैगन फ्रूट पर फोकस

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने बताया कि हाई डेंसिटी सेब की खेती को बढ़ावा देने के साथ कीवी व ड्रैगन फ्रूट जैसी फसलों पर भी काम किया जा रहा है। मकसद किसानों को ऐसी फसलों से जोड़ना है जिनसे कम जमीन में बेहतर आमदनी के मौके बन सकें।

प्रोजेक्ट रिपोर्ट को ज्यादा उपयोगी बनाने की मांग

मुख्य सचिव ने नीति आयोग से सरकारी योजनाओं व विकास परियोजनाओं के लिए ज्यादा उपयोगी व नतीजे पर आधारित Project Proposal Report यानी PPR का बेहतर फॉर्मेट उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि नीति आयोग के सुझावों को राज्य की नीतियों व आगे की कार्ययोजनाओं में शामिल किया जाएगा।

डिजिटल हेल्थ को मजबूत करने पर जोर

नीति आयोग के वरिष्ठ सदस्य प्रो. एम. श्रीनिवास ने स्वास्थ्य सेवाओं को डिजिटल तरीके से मजबूत करने की जरूरत बताई। उन्होंने ज्यादा से ज्यादा लोगों को ABHA ID से जोड़ने पर जोर दिया। इससे लोगों के डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड को बेहतर तरीके से तैयार करने में मदद मिलेगी।

स्थानीय युवाओं की स्किलिंग पर फोकस

प्रो. केवी राजू ने स्थानीय मानव संसाधन को स्किल्ड बनाने को प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने ऑनलाइन ऐप व डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए स्थानीय श्रमिकों को ट्रेनिंग देने के साथ उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ने की व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया।
uttarakhand-niti-aayog-plan-high-density-farming-abha-id-digital-health (2)

वन्यजीव संघर्ष और वनाग्नि पर भी चर्चा

बैठक में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती चुनौती पर भी चर्चा हुई। बंदरों व जंगली सूअरों से फसलों को हो रहे नुकसान के साथ वनाग्नि की समस्या पर वैज्ञानिक व तकनीकी उपायों से काम करने की जरूरत बताई गई। स्थानीय स्तर पर इन समस्याओं के व्यावहारिक समाधान विकसित करने पर भी जोर रहा।

एरोमा सेक्टर में बाजार से जोड़ने की तैयारी

एरोमा सेक्टर में उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने, उत्पादन को बाजार की मांग के हिसाब से तैयार करने व उत्पादों की ग्रेडिंग मजबूत करने पर भी चर्चा हुई। उत्पाद कहां तैयार हुआ, उसकी गुणवत्ता क्या है और वह किस स्तर से बाजार तक पहुंचा, इसकी जानकारी के लिए ट्रेसेबिलिटी व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया गया। बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, नीति आयोग की सलाहकार नीलम पटेल सहित शासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

ये भी पढ़ें  मां की आंखों के सामने बुझ गई जिंदगी, पानी की बाल्टी में डूबा छह माह का मासूम

Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button