लखनऊ, 1 सितंबर 2026:
यूपी की सियासत में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले बहुत से समीकरण बदल रहे हैं। इस बीच एक ऐसा सियासी ट्विस्ट सामने आया है जिसमें रिश्ता जीजा-साले का है लेकिन राजनीतिक रास्ते बिल्कुल अलग-अलग। योगी सरकार के डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के सगे साले राजीव कुमार त्रिपाठी ने समाजवादी पार्टी के समर्थन में खुलकर उतरने का ऐलान कर दिया है। राजीव ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा है कि वह 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा के लिए प्रचार करेंगे और पार्टी की पूर्ण बहुमत वाली सरकार बनाने में योगदान देंगे।
राजीव त्रिपाठी, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक की पत्नी नम्रता पाठक के भाई हैं। यानी सियासत में जिस फैमिली का एक सदस्य भाजपा सरकार में डिप्टी सीएम है, उसी का दूसरा सदस्य अब विपक्षी सपा के लिए प्रचार करता नजर आएगा। हालांकि राजीव ने साफ कर दिया है कि राजनीति के मामले में उन्होंने अपने परिवार से अलग रास्ता चुना है।
उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में समाजवादी विचारधारा के साथ सक्रिय रूप से काम करने और पार्टी के विस्तार के लिए प्रचार करने की बात कही। उन्होंने जातीय राजनीति से ऊपर उठकर अलग-अलग वर्गों और जातियों के बीच समाजवाद की विचारधारा पहुंचाने का दावा भी किया।
दिलचस्प यह है कि राजीव ने अपने फैसले के पारिवारिक असर को भी स्वीकार किया। उन्होंने लिखा कि उनके राजनीतिक कदम से अगर उनकी बड़ी बहन नम्रता पाठक या जीजा ब्रजेश पाठक को दुख पहुंचा हो तो वह उनसे माफी मांगते हैं।
फिलहाल राजीव को सपा में कोई औपचारिक पद या टिकट मिलने की जानकारी सामने नहीं आई है। उनका ऐलान फिलहाल सपा के प्रचार और संगठन को मजबूत करने तक सीमित है। लेकिन 2027 की चुनावी जंग से पहले जीजा-बीजेपी और साला-सपा की यह सियासी कहानी यूपी की राजनीति में चर्चा का नया मसाला जरूर बन गई है।






