
लखनऊ, 2 सितंबर 2026:
यूपी में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच प्रदेश की सियासत में दल-बदल का दौर तेज होता दिखाई दे रहा है। बुधवार को असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम को उस समय बड़ा झटका लगा, जब दल के राष्ट्रीय प्रवक्ता आसिम वकार ने कांग्रेस का हाथ थाम लिया। लखनऊ में कांग्रेस के यूपी प्रभारी राजेंद्र गौतम, प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और सांसद इमरान प्रतापगढ़ी की मौजूदगी में आसिम वकार ने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।
कांग्रेस में शामिल होने के साथ ही आसिम वकार ने एआईएमआईएम और ओवैसी की राजनीति पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पार्टी भाजपा से लड़ाई की बात करती है लेकिन जमीन पर उसकी लड़ाई कांग्रेस और समाजवादी पार्टी समेत उन दलों से दिखाई देती है जो भाजपा को सत्ता से हटाना चाहते हैं।
आसिम वकार ने कहा कि देश में भाजपा को हटाना और धर्मनिरपेक्ष तथा जनहित की सरकार बनाना ही विपक्ष का लक्ष्य होना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कोई दल भाजपा के खिलाफ लड़ने के बजाय भाजपा के विरोध में खड़े दूसरे दलों से ही मुकाबला करेगा तो आखिर इसका फायदा किसे मिलेगा?
उन्होंने कहा, ‘अगर बीजेपी के दुश्मनों से लड़ रहे हैं तो इसका मतलब है कि बीजेपी को सहयोग कर रहे हैं।’ वकार ने दावा किया कि भाजपा को हटाने की लड़ाई में राहुल गांधी, उनकी टीम और अजय राय पूरी ताकत से मुकाबला कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसी वजह से उन्होंने कांग्रेस में शामिल होने का फैसला किया है।

पश्चिम बंगाल की राजनीति का जिक्र करते हुए वकार ने हुमायू कबीर को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उन्होंने चुनाव से पहले ही कबीर को भाजपा का एजेंट बताया था और बाद में एक स्टिंग ऑपरेशन में भी इसका खुलासा हुआ। उन्होंने मांग की कि केंद्र से भाजपा सरकार हटने के बाद इस बात की जांच होनी चाहिए कि हुमायू कबीर को कथित तौर पर 1100 करोड़ रुपये किसने दिए।
आसिम वकार का कांग्रेस में आगमन ऐसे समय हुआ है जब यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में उनका यह कदम कांग्रेस के लिए कितना फायदेमंद साबित होगा और एआईएमआईएम के सियासी आधार पर इसका कितना असर पड़ेगा, यह आने वाले चुनाव में देखने वाली बात होगी।






