
लखनऊ, 6 सितंबर 2026:
यूपी-112 की पीआरवी में तैनात पुलिसकर्मियों की लंबी ड्यूटी पर अब ब्रेक लगाने की तैयारी है। 24 घंटे दौड़ने वाली यूपी-112 सेवा को और चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए चार पहिया पीआरवी पर तैनात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी 12 घंटे की दो शिफ्ट के बजाय आठ-आठ घंटे की तीन शिफ्ट में करने का प्रस्ताव सामने आया है। यूपी-112 मुख्यालय ने इस संबंध में सभी कमिश्नरेट और जिलों को स्थानीय जरूरत, उपलब्ध पुलिस बल और ऑपरेशनल आवश्यकता के हिसाब से फैसला लेने के निर्देश दिए हैं।
यूपी-112 के डीजी विनोद कुमार सिंह की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि यह नागरिक-केंद्रित 24×7 आपातकालीन सेवा है। किसी भी आपात सूचना पर संबंधित पीआरवी को कम से कम रिस्पांस टाइम में मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करनी होती है। ऐसे में फील्ड पर तैनात पुलिसकर्मियों का हर समय सक्रिय, सतर्क और शारीरिक-मानसिक रूप से फिट रहना बेहद जरूरी है।
जवानों के फीडबैक ने बदली तस्वीर
नई व्यवस्था की जरूरत का सुझाव खुद यूपी-112 के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सामने आया। गत 7 से 10 जुलाई के बीच मुख्यालय में कमिश्नरेट और जिलों के नोडल व सहायक नोडल अधिकारियों को यूपी-112 के दूसरे चरण की तकनीक और कार्यप्रणाली का प्रशिक्षण दिया गया था। इसी दौरान अधिकारियों ने सुझाव दिया कि यदि चार पहिया पीआरवी कर्मियों की 12 घंटे की ड्यूटी को घटाकर आठ घंटे किया जाए तो इससे उनकी कार्यक्षमता और पूरी व्यवस्था पर सकारात्मक असर पड़ेगा।

लंबी ड्यूटी से प्रभावित हो सकती है फील्ड स्टाफ की कार्यक्षमता
मुख्यालय ने भी माना कि लगातार लंबी ड्यूटी से फील्ड स्टाफ की कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है। पत्र में साफ कहा गया है कि किसी भी संस्था की सफलता उसके कर्मचारियों के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी होती है। बेहतर कार्य-परिस्थितियां मिलने पर पुलिसकर्मी अधिक ऊर्जा, एकाग्रता और प्रतिबद्धता से काम कर सकेंगे।
ड्यूटी को लेकर अब जिलों के पाले में गेंद
मुख्यालय के मुताबिक वर्तमान में कमिश्नरेट और जिलों में पर्याप्त पुलिस जनशक्ति उपलब्ध है। ऐसे में चार पहिया पीआरवी कर्मियों की ड्यूटी को तीन आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में बांटना व्यावहारिक और लाभप्रद हो सकता है। हालांकि इसे पूरे प्रदेश में एक साथ अनिवार्य रूप से लागू करने के बजाय स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की जिम्मेदारी कमिश्नरेट और जिलों को दी गई है।
मुख्यालय ने अधिकारियों से कहा है कि वे कार्मिकों की उपलब्धता, ऑपरेशनल जरूरत और पुलिसकर्मियों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था की व्यवहार्यता पर निर्णय लें। साथ ही, इसे लागू करने के लिए कोई विशेष सुझाव या कार्ययोजना हो तो यूपी-112 मुख्यालय को जल्द उपलब्ध कराएं। इस बदलाव का मकसद सिर्फ पुलिसकर्मियों की ड्यूटी घटाना नहीं अपितु जवानों को ज्यादा तरोताजा रखकर यूपी-112 की रिस्पांस टाइम और सेवा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना है।






