
लखनऊ, 23 जून 2026:
यूपी की राजधानी में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार ने एक और बड़ी छलांग लगाई है। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने लखनऊ मेट्रो फेज-1बी के तहत चारबाग से वसंतकुंज के बीच प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के एलिवेटेड सेक्शन के निर्माण के लिए करीब 384 करोड़ रुपये का प्रमुख सिविल निर्माण टेंडर आवंटित कर दिया है।
इस परियोजना के पूरा होने से शहर के पश्चिमी हिस्से को आधुनिक और तेज सार्वजनिक परिवहन की सुविधा मिलेगी। इससे सड़क जाम और निजी वाहनों पर निर्भरता में भी कमी आएगी। यूपीएमआरसी ने यह टेंडर एक कंपनी को दिया है। कंपनी ठाकुरगंज मेट्रो स्टेशन से वसंतकुंज मेट्रो स्टेशन तक लगभग 4.6 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड मेट्रो वायाडक्ट का डिजाइन और निर्माण करेगी। इसके साथ ही मुख्य लाइन को प्रस्तावित डिपो से जोड़ने के लिए 740 मीटर लंबा रैंप भी बनाया जाएगा।

इस पैकेज के तहत ठाकुरगंज, बालागंज, सरफराजगंज, मूसाबाग और वसंतकुंज सहित पांच नए एलिवेटेड मेट्रो स्टेशनों का निर्माण किया जाएगा। परियोजना में सिविल निर्माण के साथ प्री-इंजीनियर्ड बिल्डिंग, वास्तु कार्य, जलापूर्ति व्यवस्था, स्वच्छता प्रणाली, ड्रेनेज इंफ्रास्ट्रक्चर, बाहरी विकास, अग्निशमन प्रणाली तथा विद्युत एवं यांत्रिक कार्य भी शामिल किए गए हैं। पूरा कार्य शुरू होने की तिथि से 24 महीनों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
लखनऊ मेट्रो फेज-1बी, यूपीएमआरसी की उस व्यापक योजना का अहम हिस्सा है जिसके जरिए शहर में सुरक्षित, विश्वसनीय और टिकाऊ मास रैपिड ट्रांजिट सिस्टम का विस्तार किया जा रहा है। यह कॉरिडोर घनी आबादी वाले इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी देगा और यात्रियों को सड़क परिवहन की तुलना में अधिक तेज, आरामदायक और सुविधाजनक यात्रा का विकल्प उपलब्ध कराएगा। इसके साथ ही यह आवासीय क्षेत्रों, व्यावसायिक केंद्रों और प्रमुख परिवहन हब को जोड़कर शहर की दैनिक आवाजाही को और सुगम बनाएगा।
यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार ने कहा कि यह टेंडर लखनऊ मेट्रो फेज-1बी के क्रियान्वयन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि निगम परियोजना को तय समयसीमा, उच्च गुणवत्ता और विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि वसंतकुंज मेट्रो डिपो के निर्माण का टेंडर पहले ही जारी किया जा चुका है। ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के भूमिगत हिस्से के निर्माण के लिए भी जल्द टेंडर आमंत्रित किया जाएगा।
गौरतलब है कि प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर में कुल 12 मेट्रो स्टेशन होंगे, जिनमें 5 एलिवेटेड और 7 भूमिगत स्टेशन शामिल हैं। परियोजना पूरी होने के बाद लखनऊ की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।






