
बाराबंकी, 7 सितंबर 2026:
यूपी के बाराबंकी जिले में सुबेहा थाने में दो पक्षों के बीच चल रहे विवाद का समझौता चल रहा था। इसी दौरान गर्भवती महिला को अचानक तेज प्रसव पीड़ा शुरू हो गई। परिवारजन उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर पाते, इससे पहले ही उसने थाना परिसर में सात माह के बच्चे को जन्म दे दिया। महिला को नवजात के साथ सीएचसी हैदरगढ़ ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया।
शादी के बाद प्रेम संबंध व चार माह का गर्भ पता चलने पर बढ़ा विवाद
सुबेहा की रहने वाली युवती का इसी इलाके के एक युवक से प्रेम संबंध था। दोनों के बीच संबंध के बाद युवती गर्भवती हो गई। परिवार ने कुछ दिन पहले उसकी शादी कोठी इलाके में कर दी थी। शादी के दस दिन बाद पति अहमदाबाद चला गया। इसके बाद घर से ही उसे पत्नी की गर्भावस्था की जानकारी मिली। पति अहमदाबाद में काम छोड़कर वापस घर आया। टेस्ट में पता चला कि पत्नी को चार माह की प्रेग्नेंसी है।
प्रसव का खर्च उठाने पर बनी बात
चार माह की प्रेग्नेंसी की बात पता चलने पर उसने ससुराल वालों से बात की। इसी के बाद प्रेम प्रसंग की बात खुली। अब मायके व ससुराल के साथ प्रेमी का परिवार भी इस विवाद से जुड़ गया। पति का कहना था कि अगर कुछ होता है तो उसे उल्टे न फंसा दिया जाए। इसलिए उसने प्रसव खर्च और परवरिश की जिम्मेदारी लेने का दबाव बनाया। इसी मुद्दे को लेकर दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई। इसमें तय हुआ कि प्रसव से जुड़ा पूरा खर्च युवती के प्रेमी व उसका परिवार उठाएगा। इसी समझौते को लेकर रविवार को महिला, उसका पति, प्रेमी समेत दोनों परिवार सुबेहा थाने पहुंचे थे।

थाने में हुआ समझौता, फिर शुरू हुई प्रसव पीड़ा
पुलिस की मौजूदगी में दोनों पक्षों के बीच सुलह हो गई। तय रकम को लेकर लेनदेन भी हुआ। इसी दौरान महिला की तबीयत अचानक बिगड़ गई। उसे तेज प्रसव पीड़ा होने लगी। परिवारजन उसे अस्पताल ले जाने की तैयारी कर रहे थे, तभी थाना परिसर में ही प्रसव हो गया।
सात माह के नवजात को मां के साथ भेजा हॉस्पिटल
हालात को देखते हुए महिला व बच्चे को सीएचसी हैदरगढ़ ले जाया गया। सीएचसी प्रभारी डॉ. जय शंकर पांडेय के मुताबिक नवजात करीब सात माह का प्रीमेच्योर है। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए दोनों को जिला अस्पताल रेफर किया गया। सुबेहा कोतवाल बेचू सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था। इसी दौरान महिला को प्रसव पीड़ा हुई, जिसके बाद उसे इलाज के लिए सीएचसी भेजा गया।






